उझानी। मोहल्ला बहादुरगंज में रविवार सुबह किन्नरों के दो गुट में मारपीट हो गई। मारपीट के बाद दोनों पक्ष कोतवाली पहुंचे। यहां दोनों पक्षों में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने हंगामा कर रहे दो किन्नरों को लाठी मारकर कोतवाली से खदेड़ दिया। कुछ देर बाद दोनों पक्षों को बुलाकर मामला शांत करा दिया। वहीं, मारपीट में दोनों पक्ष के पांच किन्नर घायल हो गए। आरोप है कि दूसरे गुट ने दो किन्नरों के बाल काट दिए। देर शाम पुलिस को तहरीर नहीं दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बहादुरगंज मोहल्ला निवासी किन्नर विजय उर्फ गंगा उर्फ सना ने पुलिस को बताया कि उनके साथी शिवम उर्फ शिवानी किन्नर ने शांति किन्नर से मिलकर बाहरी किन्नरों को इलाके के बंटवारे की बात कहकर बुला लिया। शांति समेत आरोपी किन्नरों ने गंगा, रागिनी उर्फ चमन और पिंकी किन्नर की बेरहमी से पिटाई की। पिटाई के दौरान रसोइया जूली भी घायल हो गईं। वह किन्नर गंगा की चाची है।
दूसरे पक्ष से शांति और अमित के भी चोट आई है। आरोप है कि एक पक्ष के दो किन्नरों के बाल भी काट दिए गए। मारपीट के दौरान इलाके के लोगों का भी जमघट लगा रहा। इसके बाद कई किन्नर दो घायलों को पकड़कर कोतवाली पहुंच गए। दूसरे पक्ष की ओर से हाजी शांति ने पुलिस को बताया कि उम्रदराज होने की वजह से उन्हें बेदखल कर दिया गया है। उनकी सेहत भी ठीक नहीं है।
कहा, उनके इलाके पर भी कब्जा कर लिया गया है। आरोप-प्रत्योराप के दौरान ही कोतवाली में भी किन्नर आपस में हाथापाई करने लगे। पुलिस कर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही किन्नरों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान दो किन्नरों को पुलिस कर्मियों ने लाठी मारकर कोतवाली से बाहर खदेड़ दिया।
बताते हैं कि बाहरी किन्नरों में कासगंज और बदायूं के किन्नर भी शामिल थे। प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक ने बताया कि रसोइया समेत घायल किन्नरों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। गंगा उर्फ सना की ओर से तहरीर मिली है, उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
नूरी तक सब ठीक... इलाके तय कर चेलों को दे गईं मकान
उझानी कस्बे में नूरी किन्नर को सभी पहचानते हैं। उन्होंने अपने जीवनकाल में ही अपने तीनों चेलों के बीच बंटवारा कर दिया था। उनके रहते किन्नरों के बीच फसाद का कभी कोई मामला सामने नहीं आया। प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक ने बताया कि नूरी ने अपने चेले शांति, गंगा और सक्को को मकान भी दिए थे। उनके इलाके भी बांटकर तय कर दिए गए थे। ताकि कोई भी चेला दूसरे के इलाके में नेग के लिए न जाए। इसके बाद किन्नरों की संख्या में इजाफा हुआ तो विवाद बढ़ते गए। रविवार को किन्नरों के दो गुट में मारपीट भी इसी विवाद का हिस्सा बताई जा रही है।
सजा से कम नहीं किन्नर के बाल काटना
मारपीट के दौरान जिन दो किन्नरों के बाल काट दिए गए, उन्होंने पुलिस को बताया कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। दूसरे इलाके में जबरन हस्तक्षेप करने वाले किन्नरों को ही बाल काटे जाने की सजा दी जाती है। यहां तो बेवजह हस्तक्षेप करने वालों ने ही उनके बेकसूर होने के बाद भी सजा दे डाली। इलाके में बाल काटे जाने का मामला पहले भी वायरल हो चुका है। तब भी किन्नरों ने दूसरे की पिटाई करने के बाद उसके बाल काट दिए थे। करीब दो साल पहले किन्नरों के बीच विवाद को लेकर कोतवाली में भी हंगामा हुआ था। तब पुलिस की ओर से किन्नरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
उझानी में किन्नरों में मारपीट के बाद दोनों पक्ष से जानकारी करते प्रभारी निरीक्षक। संवाद- फोटो : samvad
उझानी में किन्नरों में मारपीट के बाद दोनों पक्ष से जानकारी करते प्रभारी निरीक्षक। संवाद- फोटो : samvad