बदायूं। फिरौती के लिए बालक का अपहरण करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) रेखा शर्मा ने दोषी ठहराते हुए दो अभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसमें एक अभियुक्त शकुंतला देवी निवासी शेखुपुर, थाना सिविल लाइंस तो दूसरा डिस्को निवासी धरैरा, थाना उघैती है। कोर्ट ने दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना उघैती में ग्राम धरैरा निवासी देवराज ने अपने बेटे उदयवीर के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उदयवीर के अपहरण में शकुंतला देवी और डिस्को को नामजद कर इन्हें गिरफ्तार कर उदयवीर को छुड़ाया था। इसके बाद पुलिस ने 13 अप्रैल 2006 को दोनों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।
कोर्ट में उदयवीर ने गवाही दी। कोर्ट ने अपहरण के मामले में दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। प्रत्येक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक अभियुक्त को तीन माह के अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।