रोडवेज बस स्टेंड पर खड़ी बसें। संवाद
बदायूं। परिवहन निगम ने महिला परिचालकों को संविदा पर भर्ती किया था, उसमें जिले को 15 महिला परिचालक मिलीं हैं। इनमें से 10 ने प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। वे शुक्रवार से बसों पर डयूटी करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास प्रशिक्षण कर चुकी महिलाओं व युवतियों को परिवहन निगम में परिचालक के पद पर तैनात करने का फैसला किया था। विज्ञापन जारी होने के बाद जिले की 15 महिलाओं ने आवेदन किया। सभी को परिवहन विभाग में नौकरी मिल गई है। इनमें अब तक दस महिला परिचालकों ने अपना एक सप्ताह का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। बृहस्पतिवार को उनको ज्वाइनिंग लेटर देते हुए बसें आवंटित की गईं। शुक्रवार से वे बसों में टिकट काटती नजर आएंगी।
कौशल विकास का प्रशिक्षण था जरूरी
परिवहन विभाग में महिला परिचालक बनने के लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण होना जरूरी था। जिले में 15 युवतियां यह प्रशिक्षण पूरा कर चुकी थीं जिन्हें विभाग ने नौकरी दी। बीसी हिमांशु गौड़ ने बताया कि परिवहन निगम में चालकों के भर्ती करने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। अब 10 महिला परिचालकों को ज्वानिंग दे दी गई है। एआरएम प्रदीप कुमार ने बताया कि महिला परिचालकों के आने के बाद उनके रूट का निर्धारण कर दिया है। शुक्रवार से वह ड्यूटी करेंगी।
यह हैं महिला परिचालक
रूपम कुमारी ने एलएलबी की है। वह प्रैक्टिस भी कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि परिचालक की नौकरी से वह खुश हैं। प्राची और शिखा दोनों बहनें हैं। दोनों ने परिचालक की नौकरी करने का साहस दिखाया है। इसी के साथ रुचि, राखी, शालिनी, प्रियंका रानी, मनभाषा देवी, कविता रानी और मुन्नी देवी ने कौशल विकास का प्रशिक्षण करने के साथ स्नातक भी किया है।