उझानी। माघ पूर्णिमा पर कछला के आसपास बरेली-मथुरा हाईवे बुधवार को दिनभर जाम की चपेट में रहा। श्रद्धालुओं के वाहनों में एक-दूसरे से आगे निकालने की होड़ मची तो उन्हें कछुआ चाल निकलना भी मुश्किल हो गया। सैकड़ों वाहनों को तीन- तीन घंटे तक फंसे रहना पड़ा।
कछला चौराहे से गंगाघाट तक जाम की शुरूआत प्रात: करीब नौ बजे हो गई। उस वक्त तक श्रद्धालुओं के वाहनों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, कार और बाइक सवार आधा घंटे तक फंसे रहने के बाद घाट तक पहुंच तो गए, लेकिन वहां भी भयंकर जाम लग गया, जिसे देख पुलिस कर्मियों के हाथ- पैर भी फूल गए। वाहनों की कतार पुलिस चौकी से दोनों ओर तीन किलोमीटर तक लग गई। पुल पर भी कई वाहन फंसे रहे।
जाम में फंसे श्रद्धालुओं में बिल्सी के चंद्रपाल ने बताया कि उनकी बाइक फंसी तो घाट तक महज तीन किलोमीटर का सफर ढाई घंटे में पूरा करना पड़ा। इसी तरह रिसौली निवासी ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार श्रद्धालुओं में रमेश बाबू ने बताया कि दो घंटे से उनके वाहन को आगे निकलने का मौका नहीं मिला है। इश कारण वह सभी पैदल ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास के रास्ते से घाट की ओर चल पड़े हैं।
शाम तीन बजे तक ऐसा ही नजारा देखने को मिला। बता दें कि पुलिस ने यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए तड़के चार बजे से ही बरेली- मथुरा हाईवे पर रोडवेज बसों समेत भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया था। इसके बाद श्रद्धालुओं ने अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और कुछ चालकों ने डग्गामार वाहनों को हाईवे किनारे ही खड़ा कर दिया था, जो बाद में जाम का कारण बन गए।
शेखूपुर फाटक बंद मिला तो वाया उझानी होकर निकलीं वाहन
माघ पूर्णिमा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने मंगलवार रात ही रूट डायवर्जन की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया था। इसके तहत बदायूं से कासगंज, आगरा, मथुरा की ओर जाने वाले भारी वाहनों को नौशेरा मोड़ से होकर कादरचौक के रास्ते निकलना था। चूंकि, शेखूपुर फाटक पर सुबह आठ बजे सुधारात्मक कार्य शुरू हो गया, इसलिए रोडवेज बसों और ट्रक चालकों को उझानी में कल्याण सिंह चौक से लिंक रोड के रास्ते अढ़ौली फाटक पार कर कादरचौक पहुंचे। वहां से नौशेरा की ओर से वाहन उझानी तक आए। वहां से कस्बे से होकर अढ़ौली के रास्ते कादरचौक की ओर निकले। कादरचौक की तरफ से वापसी भी इसी तरह हुई। इस कारण लिंक रोड और रेलवे के अढ़ौली फाटक पर भी भारी वाहनों का दबाव बना रहा। दूसरी तरफ, अलीगढ़ आने वाले भारी वाहन मुजरिया, बिल्सी होकर बदायूं तो बदायूं से अलीगढ़ के लिए बहेड़ी मोड़ से बिल्सी होकर मुजरिया पहुंचकर दिल्ली हाईवे से जुड़ गए।