फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: स्मार्ट मीटर की खामियों के विरोध में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

विज्ञापन
सांकेतिक स्मार्ट मीटर जलाते व्यापारी। स्रोत- संगठन
विज्ञापन
बदायूं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर की खामियों के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने बृहस्पतिवार को शहर में प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने सांकेतिक स्मार्ट मीटर की होली जलाई और मुख्यमंत्री के नाम नौ सूत्रीय मांगपत्र अधीक्षण अभियंता को दिया।
विज्ञापन

यह प्रदर्शन प्रांतीय आह्वान पर प्रदेश युवा अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू और जिलाध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता के नेतृत्व में हुआ। नवनीत गुप्ता ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना सुविधा नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बगैर जानकारी के जल्दबाजी में खामियों के साथ स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं, जो अब जी का जंजाल बन गए हैं।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि खामियों को जल्द दूर नहीं किया गया तो मजबूरन उन्हें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी विद्युत निगम की होगी। अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समिति की रिपोर्ट आ जाने पर उपभोक्ताओं को विश्वास में लेकर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पूर्व में लगे स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को रियायतें भी दी जा रही हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद व्यापारियों का आक्रोश कुछ कम हुआ।
विज्ञापन


प्रीपेड मीटर संबंधी मुख्य मांगें
जिलाध्यक्ष उद्योग मंच सर्वेश गुप्ता ने प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रीपेड मीटर उपभोक्ता की स्वीकृति के आधार पर ही लगाए जाएं। मीटर लगाते समय उपभोक्ता को संचालन से संबंधित मैनुअल, पांच साल की गारंटी और उसका गारंटी कार्ड उपलब्ध कराया जाए। जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी ने प्रीपेड मीटर का एप उपभोक्ता के मोबाइल में डाउनलोड करने की व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने सीलिंग सर्टिफ़िकेट मौके पर देने और उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर हाथों-हाथ अपलोड करने की भी मांग की।

कनेक्शन और बिलिंग में सुधार की अपील
जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लांबा ने प्रीपेड मीटर के तेज चलने की शिकायतों के लिए एक स्वतंत्र लैब स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर बिलिंग में सुधार किया जाए। संजीव आहूजा ने नए विद्युत कनेक्शन जारी करते समय एस्टीमेट के नाम पर हो रही अनियमितताओं को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने पोर्टल पर कनेक्शन अप्लाई होने के बाद उपभोक्ता को कार्यालय बुलाने की व्यवस्था खत्म करने की बात कही, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। राजेश गुप्ता ने मनमाने तरीके से वर्षों पुराने पीडी कनेक्शन की रिकवरी आवश्यक जांच के बाद जारी करने और आरसी जारी करने से पूर्व सुनवाई का अवसर देने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें