बदायूं। थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में महिला को गन प्वाइंट पर लेकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन शातिर बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों 25-25 हजार रुपये के इनामी हैं।
मंगलवार देर रात हुई मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की फायरिंग में एक सिपाही भी घायल हो गया, जबकि जवाबी कार्रवाई में तीनों बदमाश गोली लगने से घायल हुए हैं। इनमें दो बदमाशों को दाहिने व एक के बाएं पैर में गोली लगी है। वहीं सिपाही के हाथ में बांह के पास गोली लगी है। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना को गंभीरता से लेते हुए थाना सिविल लाइंस, एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीमें लगाई गईं थीं।
पुलिस टीम मंगलवार रात बिल्सी रोड पर नई जेल के लिए चिन्हित खाली जंगल क्षेत्र में संदिग्धों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इससे आरक्षी दीपक कुमार गोली लगने से घायल हो गए, जबकि प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइंस बाल-बाल बच गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों बदमाश गोली लगने से घायल होकर दबोच लिए गए।
गिरफ्तार अभियुक्तों में दीपक गौतम उर्फ मोनू निवासी सकरी जंगल थाना उझानी (हाल निवासी जिला परिषद कॉलोनी सिविल लाइंस), संतोष यादव निवासी मीरासराय थाना सिविल लाइंस और जसविंदर उर्फ काके निवासी पंजाब (हाल निवासी उझानी) शामिल हैं। तीनों के विरुद्ध पूर्व में भी कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
ये हुई थी घटना
पुलिस के अनुसार, 20 दिसंबर की शाम करीब 6:45 बजे रिगालिया गार्डन कॉलोनी निवासी प्रीति वर्मा मंदिर से घर लौट रहीं थीं। इसी दौरान चार बदमाश उनके पीछे-पीछे घर में घुस आए। महिला को गन प्वाइंट पर लेकर बदमाश घर में रखी 32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल, सोने-चांदी के जेवर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और नकदी लूट ले गए। इस संबंध में थाना सिविल लाइंस पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
लूट का सामान और अवैध हथियार बरामद
पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से लूटी गई 32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल, एक सोनी कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण, 50 हजार रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त तीन अवैध तमंचे 315 बोर कारतूस सहित बरामद किए हैं।
जेल में बनी थी साजिश
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे पूर्व में जेल जा चुके हैं और वहीं एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। जेल से छूटने के बाद उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर गिरोह बनाया और लूट की वारदातों को अंजाम देने लगे। खर्चे और नशे की लत पूरी करने के लिए उन्होंने सुनसान कॉलोनियों में रैकी कर वारदात को अंजाम दिया।