बदायूं। अपर सत्र न्यायाधीश ऋषि कुमार की कोर्ट ने जानलेवा हमला, मारपीट और आर्म्स एक्ट के मामले में सुनवाई करते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी बृजपाल, बुधपाल और मुकेश को जानलेवा हमले में दस-दस वर्ष सश्रम सजा सुनाई। साथ ही दोषियों को 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई। अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रुपये की रकम चुटैल जागन सिंह को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का आदेश दिया।
थाना सहसवान के ग्राम सुकर्रा निवासी नीरज ने 25 अगस्त 2017 को सहसवान थाने में तहरीर दी कि 24 अगस्त की देर शाम 8 बजे उसके पिता घर के बाहर खड़ंजे पर बैठे थे। तभी बृजपाल व मुकेश गालियां देते हुए आए। बृजपाल पुत्र राजेंद्र के हाथ में तमंचा था। बुधपाल व मुकेश हाथों में डंडा थे। आते ही बृजपाल ने उसके पिता पर फायर कर दिया। फायर उसके पिता के कंधे पर लगा। इससे वह गिर पड़े।
फायर की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध जानलेवा हमला, मारपीट और ऑर्म्स एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने विवेचना कर आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। कोर्ट ने गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन कर तीनों आरोपियों को दोषी करार देने के बाद सजा सुनाई। कोर्ट ने माना कि दोषियों ने एक राय होकर घायल जागन पर तमंचे से गोली का प्रहार किया। जो गोली कंधे पर लगी, जिससे उसकी मृत्यु भी हो सकती थी।