बदायूं। चंदा मांगने वालों से मारपीट करने वाले आरोपी पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई की तैयारी पुलिस कर रही है। इसी के साथ ही कांग्रेस के पदाधिकारी भी उसपर कार्रवाई की मांग करते हुए अधिकारियों को शिकायती पत्र दे रहे हैं। आरोपी युवक ने अपना एक वीडियो वायरल करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। अब पुलिस इस मामले की गहनता से जांच में जुट गई है।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के कस्बा रुदायन में मुस्लिम समाज के लोगों को पीटकर टोपी उतरवाने के आरोपी का एक वीडियो सोमवार को सामने आया है, इसमें उसने दावा किया है कि मुस्लिम समाज के लोगों ने उसके साथ अभद्रता की और चैलेंज किया कि मदरसा बनकर रहेगा, इसके बाद हाथापाई शुरू की।
वीडियो में आरोपी युवक ऋषभ ठाकुर नाम के एक व्यक्ति के साथ दिखा है, ऋषभ ठाकुर को भी दो दिन पहले ही बरेली पुलिस ने रंगदारी के मामले में तड़ीपार किया है। दोनों साथ में दिखे हैं। इस दौरान ऋषभ ठाकुर का कहना है कि भाइयों ये भाई (अक्षय शर्मा) हमसे पीलीभीत में मिलने आए हैं, इन्हें हमसे सहायता चाहिए थी।
इनका कहना है कि बदायूं के कस्बा रुदायन में नए मदरसे का निर्माण कराया जा रहा है। हिंदू बस्ती में जाकर चंदा लिया जा रहा था। इनसे चंदा मांगा गया, इन्होंने चंदा देने से मना कर दिया। इसके बाद अक्षय ने कहा कि चंदा मांगने वाले लोगों ने मेरे साथ अभद्रता की और कहा कि कोई हिंदू रोक सके तो रोक ले, मदरसा जरूर बनेगा।
इसके बाद ऋषभ ठाकुर का कहना है कि पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई की है। 24 घंटे थाने में रखा गया तब शांति भंग की कार्रवाई की गई।अगर अक्षय पर कोई रिपोर्ट दर्ज होती है तो हिंदू रक्षा दल की टीम थाना इस्लामनगर पर जाकर प्रदर्शन करेगी। क्योंकि हम एकतरफा कार्रवाई हिंदुओं पर नहीं होने देंगे। यह किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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प्रशासन व एसएसपी से पूछे सवाल
वीडियो में ऋषभ ठाकुर कह रहा हैं कि हम प्रशासन व एसएसपी से अनुरोध के साथ यह पूछना चाहते हैं कि आप ये अवगत करा दें कि जब मारपीट हुई तो ये बंद हुए। शांतिभंग की कार्रवाई हुई है तो अब बदायूं छोड़ने को क्यों कहा जा रहा है। हिंदुस्तान हमारा है। जम्मू कश्मीर हम छोड़ आए, पंजाब की एलओसी आप छुड़वाने को तैयार हैं, कहां-कहां हम छोड़ें हम अपने जिले में रहते हुए अपने धर्म की आवाज भी न उठा सकते हैं।
यह था पूरा मामला
अक्षय शर्मा का एक वीडियो दो दिन पहले सामने आया था, जिसमें वो मुस्लिम समाज के तीन लोगों से मारपीट कर रहा है। उनकी टोपियां भी उतरवाई गई थीं। घटनाक्रम 15 फरवरी की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज उसे कोर्ट में पेश किया जहां से उसे रिहा कर दिया गया।वीडियो सामने आने के बाद सियासी घेराबंदी भी शुरू हो गई। कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत समेत सपा सांसद आदित्य यादव व पूर्व मंत्री आबिद रजा ने भी घटना की निंदा करते हुए सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी। एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की जाएगी।