घटनास्थल व पेड़ का निरीक्षण करते एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह व पुलिस अधिकारी। स्रोत पुलिस
- फोटो : निधि सिग्रोहा
बदायूं। डेढ़ साल से एक दूजे के साथ जीने मरने की कसम खाने वाले प्रेमी युगल रविवार रात दुनिया बसाने की हसरत लेकर घर से निकले थे, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी एहसास नहीं था कि उनके घर से निकलने ही परिजनों को भनक लग जाएगी। दोनों के परिजनों ने तलाश शुरू की तो प्रेमी युगल ने फंदे पर लटककर जान दे दी।
हजरतपुर थानाक्षेत्र के गांव वमनपुरा निवासी प्रेमी युगल स्वजातीय थे। पुलिस की जांच में पता चला है कि प्रेमी युगल करीब डेढ़ साल से मोबाइल पर एक दूसरे से बात करते थे। मकान की दूरी कम होने की बाद भी उनके रिश्ते के बारे में ग्रामीणों को जानकारी नहीं थी। दोनों के परिवारों को उनके प्रेम प्रसंग की भनक लग गई। वह चोरी चुपके मिलते थे। पुलिस ने किशोरी व युवक के मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच की है। दोनों के मोबाइल नंबरों पर एक दूसरे से बातचीत नियमित होती थी।
पुलिस को आशंका है कि रविवार रात दोनों घर से भागे। रात 12 बजे किशोरी घर से बाहर गई। किशोरी जैसे ही घर से बाहर गई, उसके परिजन अर्जुन के घर पहुंचे। इस वजह से अर्जुन भी हड़बड़ाहट में बगैर कपड़े पहने ही घर से बाहर आ गया। दोनों के घर से बाहर जाने की खबर गांव में आग की तरह फैली तो उन्हें घर लौटने का कोई रास्ता नहीं दिखाई दिया। इसी वजह से दोनों ने जान देने की ठान लगी। पुलिस का कहना है कि प्रेमी युगल ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया है। इसकी जांच की जा रही है। किशोरी व युवक के परिजन भी एक दूसरे पर हत्या का आरोप लगा रहे है। इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
गमछे से युवक तो दुपट्टे से किशोरी का लटका मिला शव
बेर के पेड़ की एक मोटी डाल पर युवक का शव उसके गमछे से लटका मिला है। वह सिर्फ नेकर पहने हुए था। किशोरी का शव उसी के दुपट्टे से लटका मिला है। पेड़ की डाल पर लटके दोनों शव में करीब एक मीटर की दूरी थी।
एकलौता चिराग था अर्जुन
अर्जुन के पिता ठकुरी अलापुर के कस्बा म्याऊं के रहने वाले है। करीब 20 पहले ठकुरी वमनपुर गांव आकर बस गए थे। ठकुरी का एकलौता बेटा अर्जुन व एक बेटी है। घर का एकलौता चिराग बुझने पर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
भाई की तेरहवीं संस्कार से पहले उठी बहन की अर्थी
किशोरी के एक भाई की कुछ दिनों पहले ही बीमारी के कारण मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया कि अभी किशोरी के भाई की मौत का तेरहवीं संस्कार भी नहीं हुआ था कि किशोरी की अर्थी उठ गई। भाई-बहन की मौत से परिवार सदमे में है।