बदायूं। अक्षय तृतीय पर होने वाले बाल विवाह रोकने के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनेगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी के सीयूजी और टोल-फ्री नंबरों की वाल पेंटिंग कराई जाएगी।, जिससे इन नंबरों पर कोई भी ऐसे विवाहों के बारे में सूचना दे सके। 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। इसे देखते हुए कलेक्ट्रेट में मंगलवार को एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने बैठक ली।
बैठक में मिशन शक्ति अंब्रेला स्कीम के अंतर्गत संचालित योजना के अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण पर चर्चा हुई। इस दौरान बताया कि वर्तमान में वन स्टॉप सेंटर जिला महिला अस्पताल में संचालित किया जा रहा है। एक स्थाई वन स्टॉप सेंटर जिला पुरुष चिकित्सालय में बनवाया जा रहा है। सेंटर पर अच्छा भोजन उपलब्ध कराने, पांच दिन से ज्यादा पीड़ितों को सेंटर पर रोकने, किराए पर वाहन लेने की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। वीमेंस हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 181 पर आई शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
27 बाल विवाह रोके, 459 बच्चों को मिला योजनाओं का लाभ
जिला टास्क फोर्स की बैठक में बताया गया कि कोविड के तहत 97, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में 359 और पीएम केयर योजना अंतर्गत तीन बच्चों को मिशन वात्सल्य योजना का लाभ मिल रहा है। इस प्रकार 459 बच्चों का इन योजनाओं का लाभ मिला है। स्पांसरशिप स्कीम में 324 का अनुमोदन कराया गया हैं। स्वैच्छिक संगठन द्वारा संचालित दत्तक ग्रहण में छह बच्चे संवासित हैं। अब तक 27 बाल विवाहों को रोका गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजना बनाकर शासन को भेजी जाएगी।