बदायूं/ उझानी। दो-तीन दिन से मौसम में बदलाव के बाद भी दिन में गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही। आधी रात के आसपास हालांकि ठंडक का अहसास होने लगता है, लेकिन इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पांच-छह दिन तक धुंध भरी धूप निकलते रहने के साथ ही सुबह में कोहरा बढ़ने के आसार हैं।
करवाचौथ और दिवाली के बाद मौसम में बदलाव के साथ ही तापमान में गिरावट होने लगी है। ऐसा मौसम विज्ञानी भी मानते हैं, लेकिन इस बार कुछेक दिन से खासकर दिन में गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही। आने वाले पांच-छह दिन तक मौसम का मिजाज इसी तरह रहने का अंदेशा है। आधी रात के बाद से सुबह तक ठंडक बढ़ सकती है। कोहरा भी छाया रहेगा। दिन में मौसम सामान्य होने में अभी करीब डेढ़ सप्ताह लग सकता है। यह बीमारियां पनपने की ओर इशारा करता है।
फिजीशियन आरके वर्मा कहते हैं कि रात में ठंडक और दिन में गर्मी सेहत के लिए नुकसानदायक है। धुंध सांस और हृदय के रोगियों में दिक्कत बढ़ा देती है। खासकर बुजुर्गों के लिए इस मौसम में खुद की सेहत का ख्याल रखना चाहिए। धुंध का प्रकोप अधिक हो तो मास्क भी इस्तेमाल करने से गुरेज नहीं करना चाहिए।
नवंबर तक करें गेहूं की बोआई, पैदावार होगी बंपर
सरसों की फसल इन दिनों बढ़वार की ओर है। अगेती आलू बाजार में आ चुका है, लेकिन पिछेती आलू में कंद बढ़वार नहीं पकड़ पाया है। मौसम का मौजूदा मिजाज सरसों और आलू के लिए फिलहाल बहुत अच्छा माना जा रहा है। गेहूं की बोआई का भी काम शुरू हो चुका है, लेकिन बोआई अगर 25 नवंबर तक कर ली जाए तो बंपर पैदावार होने की उम्मीद रहती है। चूंकि, अब तक बारिश भी नहीं हुई है, सो किसानों को खेत का पलेबा करके ही गेहूं की बोआई करनी चाहिए। खेत में नमी कम होने पर बोआई किए जाने पर बीज ढंग से उग नहीं पाता। सब्जी फसलों के लिए मौसम मुफीद साबित हो रहा है।
धुंध तेज हवा चलने या फिर चटक धूप निकलने पर ही छंटती है। मौसम तेजी से बदल रहा है। दिन में तापमान कम तो हुआ है, लेकिन तेजी से गिरावट आनी चाहिए। आने वाले दिन कोहरे के होंगे।- डॉ. आलोक सागर गौतम, मौसम विज्ञानी
किसानों को गेहूं की बोआई पर ध्यान देना चाहिए। 25 नवंबर तक गेहूं की बोआई हो जाने पर पैदावार अच्छी रहती है। इसके बाद की बोआई लेट मानी जाती है। गेहूं के पकने के दिनों में जब पछवा हवाएं चलती हैं तो पैदावार प्रभावित होती है।- डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक