पं. हर्षित उपाध्याय से कथा सुनते पहुंचे भक्त। संवाद
सहसवान। श्री बांके बिहारी मंदिर जहांगीराबाद में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन व्यास पंडित हर्षित उपाध्याय ने गोवर्धन धारी श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला और कर्म अपने आप में विशेष संदेश देते हैं।
सात वर्ष के कन्हैया ने सात दिनों तक सात कोसी गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाए रखा। गोवर्धन धारण लीला करके भगवान श्रीकृष्ण ने मानव मात्र को संदेश दिया कि मानव जीवन कठिनाइयों और चुनौतियों से भरा है। दृढ़ संकल्प और मजबूत इच्छा शक्ति के बल पर छोटे से कन्हैया ने बड़ी ही निर्भीकता और सुगमता के साथ उस विशाल गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। व्यास हर्षित ने कहा कि जीवन की समस्याएं भले ही पहाड़ जितनी विशाल हो, लेकिन अपने आत्मविश्वास को डिगाए बिना मजबूत इच्छा शक्ति के साथ उसका सामना किया जाए तो समस्याओं का निराकरण हो सकता है। कथा व्यास ने भगवान शिव के बारे में बताते हुए कहा भोलेनाथ से सीखें कि संग्रह से जीवन मूल्यवान नहीं बनता है। कथा में मुख्य यजमान दीपांशु माहेश्वरी, ऊषा माहेश्वरी, राम प्रकाश उपाध्याय, कुक्कू माहेश्वरी, शुभांकर शर्मा, कल्पना शर्मा, संतोष गांधी, ज्योति माहेश्वरी, दक्ष माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।