बदायूं। जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलाॅजिस्ट) नहीं है। इसलिए हाल ही में हार्टअटैक के मरीजों को यहां पर इलाज नहीं मिला। ऐसे मरीजों को रेफर किया गया। इलाज में देरी होने पर उनकी जान नहीं बच पाई।
जिला अस्पताल में करीब चार साल पहले एक हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती की गई थी। बाद में वह नोएडा चले गए। तब से कोई हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह के अनुसार, इस बारे में कई बार पत्राचार किया तो लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिला। अस्पताल में हृदय रोगों की जांच के लिए ईसीजी की सुविधा है। वह भी यहां मौजूद केवल एक टेक्नीशियन के भरोसे चल रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी कोई हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है।
-
दूसरे शहर ले जाते हैं मरीज
खानपान और जीवनशैली में बदलाव से युवा भी दिल के मरीज हो रहे हैं। ऐसे में यदि ईसीजी में बीमारी निकलकर नहीं आती है तो लक्षणों के आधार पर डॉक्टर मरीज को ईको और फिर टीएमटी की सलाह देते हैं, लेकिन दोनों ही सुविधाएं यहां नहीं हैं। हालांकि कुछ प्राइवेट डॉक्टरों के यहां यह मौजूद हैं लेकिन आपात स्थिति को देखते हुए लोग बरेली या फिर आगरा, लखनऊ, दिल्ली को प्राथमिकता देते हैं।
कोट,
- जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए शासन में पत्राचार किया हैं। मरीजों की सुविधा के लिए अगर संविदा पर ही हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो जाए तो कुछ राहत मिल जाय। अभी ऐसे मरीजों को ईसीजी की सुविधा देकर रेफर किया जाता है। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल