बदायूं। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले में 30 जून तक भूमि अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हो सका है। अब तक 85 फीसदी भूमि अधिग्रहण ही हो सका है। दूसरी ओर वन विभाग के काम की रफ्तार भी धीमी है। वन विभाग को वृक्ष काटने के लिए परमिट जारी करने के साथ एक्सप्रेस-वे के क्षेत्र में आने वाली वन भूमि का निर्धारण करना है।
मेरठ से प्रयागराज तक 592 किमी का गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं जिले की बिसौली, सदर, दातागंज और बिल्सी तहसील के 84 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए जिले में करीब 1100 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। बिसौली के 37, दातागंज के 27, सदर के 18 और बिल्सी के दो गांवों से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। इन गांवों में फरवरी में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने भूमि अधिग्रहण समेत अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए 30 जून तक की समय सीमा तय की थी। अब समय सीमा पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक जिले में 85 फीसदी भूमि अधिग्रहण का काम ही पूरा हो सका है।
दरअसल, जिन किसानों की भूमि एक्सप्रेस-वे के लिए ली जा रही है उन किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा भी दिया जा रहा है, लेकिन किसानों को समय से मुआवजा नहीं मिल पाने के कारण किसान एक्सप्रेस-वे के लिए यूपीडा के पक्ष में भूमि का बैनामा करने से कतरा रहे हैं। पिछले दिनों इस तरह के कई मामले बिसौली तहसील में सामने आ चुके हैं।
लाइन और पोल शिफ्टिंग का काम यूपीडा ने संभाला
आठ लेन का गंगा एक्सप्रेस-वे जिन गांवों से होकर गुजरेगा वहां कई गांवों में पावर कारपोरेशन की एचटी लाइन और पोल भी हैं। इनको भी शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए पिछले महीनों पावर कॉरपोरेशन के लिए बजट जारी कर दिया गया था। कुछ दिनों काम धीमा रहा, लेकिन अब यह काम यूूूपीडा ने संभाल लिया है। हालांकि, कई बार बारिश के कारण शिफ्टिंग का काम प्रभावित भी हो रहा है। दूसरी ओर वन विभाग की ओर से वृक्ष काटने के लिए परमिट जारी करने में देरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि समय से काम पूरा कर लिया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है। सभी काम यूपीडा की देखरेख में हो रहे हैं। अधिग्रहण का जो 15 फीसदी काम बाकी है वह भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। - नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व