हाईवे पर स्लीपर बस को रोककर जांच करते एआरटीओ। स्रा्ेत- स्वयं
- फोटो : अयोध्या एयरपोर्ट पर खड़ी स्पाइस जेट की फ्लाइट
बदायूं। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग हरकत में आ गया। बृहस्पतिवार की सुबह एआरटीओ अमरीश कुमार ने टीम के साथ स्लीपर बसों को चेक करने के लिए अभियान चलाया, जिसमें मानक से अधिक सवारियां लेकर जा रहीं छह स्लीपर बसों का चालान कर दिया। दो स्लीपर बसें बिना परमिट के संचालित मिलीं, जिनको सीज किया गया है। विभाग की कार्रवाई के बाद डग्गामार वाहनों के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
स्लीपर बसों का जिले में पंजीकरण नहीं हैं। बावजूद इसके तमाम बसें अन्य प्रदेशों तक दौड़ रहीं हैं। जिले में 270 प्राइवेट बसों का एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण है। इनमें से 170 बसों को जिले के सात रूटों पर संचालित होने का परमिट दिया गया है। करीब सौ बसें ऐसी हैं, जिनका टूरिस्ट परमिट है।
स्लीपर बसें पुलिस चौकी-थानों से सांठगांठ कर संचालित होती हैं। खबर पर संज्ञान लेते हुए एआरटीओ अमरीश कुमार ने बृहस्पतिवार को आठ स्लीपर बसों पर कार्रवाई की है। इसमें से छह स्लीपर बसों का चालान कर 1.70 लाख रुपये की राजस्व वसूली की गई है। साथ ही दो स्लीपर बसें ऐसी मिलीं जिनके पास रोड पर चलने के मानक ही पूरे नहीं थे। ऐसी दो स्लीपर बसों को सीज किया गया है।
उन्होंने बताया कि इन बसों में अधिकांश बसें राजस्थान में पंजीकृत मिली हैं। इनके मानक भी सड़क पर चलने के पूरे नहीं मिले हैं। इस वजह से कार्रवाई की गई है। आगे भी लगातार चेकिंग कर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की बसों का संचालन किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा, जो सड़क हादसों की वजह बनती हैं।
हाईवे पर स्लीपर बस को रोककर जांच करते एआरटीओ। स्रा्ेत- स्वयं- फोटो : अयोध्या एयरपोर्ट पर खड़ी स्पाइस जेट की फ्लाइट