बदायूं। श्रद्धा और संकल्प की मिसाल पेश करती एक परिवार की तीसरी पीढ़ी आज भी अपने बाबा के वचन का पालन कर रही है। कार्तिक पाल ने बताया कि उनके परिवार से 28 साल से कांवड़ यात्रा की जा रही है। हर साल एक लीटर जल बढ़ाते हैं।
पीलीभीत के बीसलपुर निवासी कार्तिक पाल ने बताया कि उनके पिता शरण पाल ने 28 वर्ष पहले कछला गंगा घाट से सावन में एक लीटर जल से शुरुआत की थी। वे शिव मंदिर के पुजारी थे। कार्तिक पाल ने कहा कि अगले साल 29 लीटर जल लेकर आएंगे। उन्होंने बताया कि पिता के वचन के अनुसार, हर साल सावन में एक लीटर जल बढ़ाकर लाना है। उसी शिव मंदिर में जलाभिषेक करना है।
पिता शरण पाल ने यह नियम निभाया। उनके बाद वह अपने तीन बेटों रविंद्र, अभिषेक और करन पाल के साथ यह परंपरा निभा रहे हैं। इस बार परिवार 28 लीटर गंगाजल लेकर कछला से रवाना हुआ है। यह 28वीं बार की यात्रा है। परिवार यात्रा के दौरान बाहर का भोजन नहीं करते। साथ में छोटे टेंपो में गैस सिलिंडर, चूल्हा और सब्जी लेकर चलते हैं और खुद खाना बनाकर खाते हैं। इनका मानना है कि रास्ते के भोजन की पवित्रता पर भरोसा नहीं।
25 शिवभक्तों की टोली नंदी-शिवलिंग में जल लेकर रवाना
बदायूं। बरेली के 25 शिवभक्तों की एक टोली नंदी और शिवलिंग में गंगा जल लेकर बरेली के पांच नाथों के लिए रवाना हुई। भक्तों ने बताया कि पिछले दो दिन से नंदी और शिवलिंग कछला गंगा घाट पर रखे गए थे, जहां उनकी पूजा-अर्चना की गई। यह टोली बरेली के नाथ मंदिरों में से वनखंडीनाथ, अलखनाथ, पशुपतिनाथ, धोपेश्वरनाथ और मढ़ीनाथ मंदिरों में सोमवार को पहुंचकर जलाभिषेक करेगी। आयोजकों ने बताया कि पिछले साल इस टोली में 122 लोग थे, लेकिन इस बार सावन के प्रथम सप्ताह में ही दर्शन की तमन्ना के चलते 25 भक्तों ने यात्रा शुरू की। टोली में सौरभ, महावीर, शिवम, अंशु सहित 25 भक्त शामिल हैं। रथ को देखकर श्रद्धालु रास्ते में खड़े होकर जयकारे लगा रहे थे। संवाद