500 मीटर नई केबिल मंगाई गई, पांच लाख से अधिक का खर्चा
बीएसएनएल का बिजली विभाग को नोटिस, नहीं मांगा मुआवजा
आज भी बहाल नहीं हुईं एनआईसी से लेकर बैंकिंग तक की नेट सुविधाएं
अंडरग्राउंड बिजली लाइन डाले जाने से ठप हुई बीएसएनएल की सेवा
शहर में बिजली की अंडर ग्राउंड लाइन डाले जाने के परिणाम स्वरूप पुलिस लाइन और इंदिरा चौक के बीच कटी बीएसएनएल की 96 फाइवर केबिल के कारण सिविल लाइन, कलक्ट्रेट, कोर्ट आदि की नेट सुविधा अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। यहां रविवार की भोर यह नेट सुविधा ठप पड़ी है, जो मंगलवार को तीसरे दिन भी बहाल नहीं हो सकी। केबिल ध्वस्त हो जाने के कारण सर्वयूपी ग्रामीण बैंक और स्वान के जिलेभर का नेटवर्क ठप है। बीएसएनएल ने मरम्मत की जगह अब यहां नई केबिल डालने का काम शुरू किया है। करीब 500 मीटर नई केबिल डालने में बीएसएनएल को करीब पांच लाख रुपये खर्च करने पड़े हैं। यहां बता दें, इस मामले में बीएसएनएल राजस्व के भी बड़े घाटे में है। जिलेभर में जन सेवा केद्रों से जुड़े तमाम कार्य प्रभावित हो गए हैं। इससे अधिकारियों में भी खलबली मची है।
इस केबिल के ध्वस्तीकरण के कारण नेट सिस्टम फेल हो जाने से सर्वयूपी ग्रामीण बैंक और यूपी स्वान की तहसील इंकाइयों से जुड़ी सेवाओं पर भी पूरा असर पड़ा है। माना जा रहा है कि यह सेवा अब11 मई से पहले ठीक नहीं हो सकेगी। पूरे प्रकरण में टीडीएम, सदर एसडीएम और बिजली विभाग के एक्सईएन के बीच वार्ताएं जारी हैं। बिजली विभाग को नोटिस तो दे दिया गया है लेकिन बीएसएनएल ने उनसे कोई मुआवजा नहीं मांगा है। बीएसएनएल कोई मुआवजा न मांग बैठे इसलिए बिजली विभाग के अधिकारी भी इस लाइन को ठीक कराने में अपना सहयोग कर रहे हैं। बरहाल, तमाम विभागों में नेट सिस्टम फेल हो जाने के कारण खलबली मची हुई है। 23 मई को मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर शासन से जुड़ी तमाम सूचनाओं का आदान प्रदान को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी परेशान हो उठे हैं।
दुरुस्तीकरण में लगी है बीएसएनएल की टीम
पुलिस लाइंस चौराहा से इंदिरा चौक तक बीएसएनएल की केबिल बदलवाने में विभाग की उच्चस्तरीय तकनीकी टीम लगी है, जिसमें मंडल अभियंता एके श्रीवास्तव, एसडीओ आरएस यादव, टीडीए अतुल कुमार सैनी के नेतृत्व में काम हो रहा है।