बदायूं। पचास हजार के इनामी जितेंद्र उर्फ ढालू के एनकाउंटर की कहानी रातभर में बदल गई। एसएसपी अंकिता शर्मा ने एक दिन पहले दिए बयान में जिसे चेकिंग के दौरान सामान्य मुठभेड़ बताया था, बृहस्पतिवार को विज्ञप्ति जारी कर उसे तीन हिस्सों में बांट दिया। बुधवार को दिए बयान में ढालू के पास से सिर्फ सेमी आटोमेटिक पिस्टल मिलने का जिक्र किया था। विज्ञप्ति में तमंचे की बरामदगी भी जोड़ दी गई।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने एक कदम और आगे की जानकारी दे दी। उन्होंने कहा कि आरोपी घटना कारित करने जा रहा था। इसकी सूचना पर उसकी घेराबंदी की गई। उन्होंने तीन बार मुठभेड़ का कोई जिक्र नहीं किया। जाहिर सी बात है कि कुछ तो पर्दादारी है। जिला अस्पताल में मीडिया कर्मियों की घेराबंदी भी शायद पुलिस की इसी रणनीति का हिस्सा थी। शायद इसीलिए पुलिस ने अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया था। वहां हाथापाई तक की नौबत आ गई थी।
एसएसपी ने बताई ये कहानी
मुठभेड़ एक : बृहस्पतिवार दोपहर एसएसपी अंकिता शर्मा की ओर से विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में बुधवार रात बिल्सी की तरफ से आ रही अपाचे बाइक पर सवार बदमाश को कठौली कोल्ड स्टोर स्थित चेकिंग प्वाइंट पर रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। इसके बाद वह बदायूं की ओर भागने लगा।
मुठभेड़ दो : एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने सिविल लाइंस इंस्पेक्टर व अन्य पुलिस टीम के साथ आरटीओ चौराहे से आगे बिल्सी रोड पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू करा दी। इसी दौरान बिल्सी की तरफ से एक बाइक तेज गति से आती दिखी। उसके पीछे पुलिस की गाड़ी भी तेज गति से आती दिखी। पुलिस टीम ने बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया। उसने नजदीक आकर बाइक को धीमा कर पुलिस टीम पर फायर कर दिया जो सरकारी गाड़ी के बोनट पर लगा। इसके बाद बदमाश कच्चे रास्ते पर भागने लगा।
मुठभेड़ तीन : कुछ दूरी पर जाकर बारिश के चलते रास्ता खराब होने से वह बाइक समेत गिर गया। इसके बाद बाइक छोड़कर बदमाश झाड़ियों की तरफ भाग निकला। उसने पुलिस टीम पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इससे दरोगा नीरज कुमार व सिपाही अविनाश घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए फायर किया, जिससे बदमाश घायल हो गया। ढालू ने पुलिस टीम पर 14 गोलियां चलाईं, जबकि पुलिस ने सिर्फ दो। पुलिस के मुताबिक, एक गोली ढालू के सीने और दूसरी दाएं पैर में लगी।
पुलिस ने पूछताछ भी कर ली
पुलिस की विज्ञप्ति के मुताबिक, पूछताछ में बदमाश ने अपना नाम जितेंद्र उर्फ ढालू पुत्र ओमवीर निवासी ग्राम जनैटा थाना बनियाठेर, जनपद संभल बताया। पुलिस रिकॉ़र्ड के मुताबिक, वह मूलरूप में ग्राम बझैड़ा थाना धौलाना जनपद हापुड़ का निवासी था। करीब डेढ़ माह पूर्व इस्लामनगर थाने में पंजीकृत डकैती व लूट में वांछित था। पूछने पर बदमाश ने इस्लामनगर के सिठौली में डकैती व लूट की वारदात करना स्वीकार किया।
सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, देसी तमंचा और कारतूस बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस को बदमाश के कब्जे से 32 बोर की सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, एक मैगजीन, दो कारतूस व पांच खोखे और 315 बोर का एक तमंचा, नौ खोखे बरामद हुए। इनके अलावा डकैती के 13 आभूषण, 2060 रुपये, पिट्ठू बैग और अपाचे बाइक बरामद की गई। बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू पर गौतमबुद्धनगर में पांच, अमरोहा में दो और बदायूं के इस्लामनगर थाने में चार केस दर्ज हैं। इसमें हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं।
बिजली नहीं होने से दो घंटे देरी से हुआ पोस्टमॉर्टम
बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू का बृहस्पतिवार को पुलिस की ओर से पोस्टमॉर्टम कराया गया। शव पोस्टमॉर्टम हाउस पर सुबह 10 बजे पहुंच गया था। पहले बदमाश के परिजनों के नहीं आने की कारण पोस्टमॉर्टम में देरी हुई। परिजनों के आने के बाद शव को जिला अस्पताल में एक्सरे के लिए भेजा गया। उसी समय तेज बारिश होने लगी। इस कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जिला अस्पताल में जनरेटर के पास पानी भर गया। जनरेटर नहीं चलने से बदमाश के शव का एक्सरे होने में दो घंटे की देरी हुई। एक्सरे में एक गोली बदमाश के सीने तो दूसरी दाएं पैर में लगने के निशान मिले हैं। गोली फंसी नहीं थी, बल्कि आर-पार हो गई थी।
डीआईजी बोले- घटना करने आ रहा था बदमाश
डीआईजी अजय साहनी ने बताया कि इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती में बदमाश ढालू वांछित था। पुलिस टीमें उसकी घेराबंदी में लगी थीं। बुधवार को बदमाश के एक और घटना करने की सूचना प्राप्त हुई। उसके आधार पर घेराबंदी की गई थी। मुठभेड़ में बदमाश को गोली लगी। दो पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे।
ढालू ने पिता व बहनोई संग मिलकर किसान के घर डाला था डाका
बदायूं। बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू के परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है। ढालू ने अपने पिता ओमवीर और बहनोई के साथ मिलकर इस्लामनगर में किसान के घर डकैती डाली थी। ढालू के पिता और बहनोई अभी जेल में निरुद्ध हैं। ढालू का एक और भाई अजीत भी घर पर नहीं रहता है। संवाद
सौतेली मां बोलीं- मेरी शादी के बाद कभी-कभार ही घर आता था ढालू
मुठभेड़ में ढालू के ढेर होने की सूचना रात में ही पुलिस ने उसकी सौतेली मां इंद्रवती को दी। गांव जनैटा निवासी ढालू की सौतेली मां इंद्रवती दो पड़ोसियों के साथ दोपहर में बदायूं के सिविल लाइंस थाने पहुंचीं। इंद्रवती ने बताया कि ढालू हमारे पास नहीं रहता था। जब से मेरी शादी ओमवीर से हुई, तब से वह घर कभी-कभार ही आता था।
घर आने पर काम के बारे में पूछने पर वह बेलदारी (मजदूरी) का काम करने की बात कहता था। इंद्रवती ने ढालू के आपराधिक मामलों में लिप्त होने की जानकारी से इन्कार किया। सौतेले बेटे की मौत होने पर उन्होंने किसी से कोई शिकायत नहीं करने की बात कही। उसने बताया कि ढालू की पत्नी और उसकी सगी मां की भी मौत हो चुकी है। ढालू के तीन बच्चों में से दो बेटे और एक बेटी अपनी ननिहाल में रहते हैं, जबकि उसका एक भाई कहीं बाहर रहता है।
डीएम ने एसएसपी की बात, होगी मजिस्ट्रियल जांच
बदायूं। मुठभेड़ में मारे गए बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू के प्रकरण में डीएम अवनीश राय ने एसएसपी अंकिता शर्मा से पूरे मामले की जानकारी ली है। डीएम ने बताया कि एसएसपी से इस संबंध में बात हुई है। मुठभेड़ के संबंध में एसएसपी की रिपोर्ट अभी आई नहीं है। रिपोर्ट आने पर मजिस्ट्रियल जांच शुरू कराई जाएगी। उधर, मुठभेड़ में मारे गए बदमाश ढालू के संबंध में एसएसपी कार्यालय से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। रिपोर्ट में मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम बताया गया है।
गांव में शाम को हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमॉर्टम होने के बाद शाम को सौतेली मां इंद्रवती अपने दो पड़ोसियों की मदद से शव जनैटा, बनियाठेर, संभल ले गई। वहां परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इधर, एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली सीने में लगने की वजह से मौत होने की बात सामने आई है। गोली सीने के पार निकल गई थी।