- पीडब्ल्यूडी को सौंपा गया बस्तियों की कार्य योजना बनाने का काम
शासन ने उपेक्षा के शिकार माने जाने वाले कुष्ठ रोगियों को मान-सम्मान से जीने के लिए उनकी बस्तियों का विकास करने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं। हालांकि, इसमें अभी बाधाएं सामने आ रही हैं।
शासन की मंशा पूरी करने को डीएम द्वारा भेजे गए पत्र में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से कुष्ठ रोगियों की बस्ती की सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव मांगे गए हैं। सड़कों के साथ नाले-नालियों का निर्माण तो होना ही है। जिले में कुष्ठ रोगियों को मिलने वाली सुविधाएं उन तक पहुंचे, इसके लिए मशक्कत शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी को इस काम में अधिक वक्त तो नहीं लगना है, लेकिन यहां उसके लिए एक समस्या बड़ी है। वह कुष्ठ रोगी बाहुल्य बस्ती कहां ढूंढे? जहां उसके विकास को प्रस्ताव तैयार कराए जा सकें।
सीएमओ से मांगी जाएगी सूचना
जिले में कुष्ठ रोगियों की बस्ती कहां है? इसकी जानकारी पीडब्ल्यूडी कैसे करे, इसके लिए एक ही उपाय था कि सीएमओ की मदद ली जाए। उनके अधीन ही कुष्ठ रोग नियंत्रण और निवारण के अभियान भी चलते हैं। इसलिए, पीडब्ल्यूडी ने सीएमओ को ही इस संबंध में पत्र लिखकर सूचना मांगी है।
शासन की योजना पर क्रियान्वयन को डीएम ने हमारे विभाग को कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है। हम चाहते हैं कि कुष्ठ रोगियों के बारे में जानकारी मिल जाए तो अपना दायित्व पूरा कर शासन को सड़कों-नालियों का प्रस्ताव भेज दें। कछला में कुष्ठ रोगी तो हैं लेकिन उनकी कोई बस्ती है या नहीं, इसके बारे में हमे जानकारी नहीं है।
- विजय कुमार, सहायक अभियंता, लोनिवि