इस्लामनगर। नगर के रहने वाले सागर शर्मा ने 28 जनवरी की रात प्रयागराज महाकुंभ में मौत का जो मंजर देखा उसे वह जिंदगी भर नहीं भुला पाएंगे। मौनी अमावस्या पर रात एक बजे वह भी स्नान करने संगम पर जा रहे थे। हादसा उनसे 50 मीटर की दूरी पर हुआ। इस दौरान उन्हें अपनी जान बचाना ही मुश्किल पड़ गया। उन्होंने एक साधु के कैंप में कूदकर जैसे-तैसे जान बचाई।
सागर शर्मा आरएसएस में सहसवान के जिला प्रचार प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि 24 लोग साथ थे। सब छह-छह लोगों की टोली में बंटकर रात करीब एक बजे संगम पर स्नान करने जा रहे थे। बोले, इसी दौरान संगम घाट की तरफ से भीड़ का रैला आया तो कोई संभल नहीं सका। कितने ही लोग दब गए। इस कदर भीड़ थी कि जो जहां गिरा वह उठ नहीं सका। वह भीड़ से बचने के लिए साधुओं के कैंप में कूद गए। कुछ ही देर में वहां का दृश्य बदला हुआ था।
कपड़ों के थैलों के साथ रुपये चारों ओर बिखरे पड़े थे। लोग नीचे गिरे हुए थे। सब कुछ अस्त-व्यस्त हो चुका था। महाकुंभ से आने लगे तो लगा कि जब आए हैं तो संगम नहाकर ही जाएं। लिहाजा करीब चार किलोमीटर आगे सुबह आठ बजे स्नान किया। इसके बाद वहां से चल दिए।
बेटी दे रही थी पिता को मुंह से सीपीआर
सागर ने बताया कि घटना के बाद एक व्यक्ति नीचा गिरा पड़ा था। उनकी बेटी बचाने के लिए पिता को मुंह से सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिसोसिटेशन) दे रही थी। बाद में उसे एंबुलेंस ले गई। पता नहीं कि वह जिंदा बचे या नहीं। सभी अपनी-अपनी जान बचाने में लगे थे।
रात में ही जा रहे थे स्नान करने, हादसे की बात सुन बदला इरादा
उझानी। महाकुंभ में पिछले सात-आठ दिन से मौजूद साहूकारा मोहल्ले के विजय गोपाल वार्ष्णेय और उनके साथ संगीतज्ञ प्रमोद तुलस्यान भी मौनी अमावस्या का स्नान ब्रह्म मुहूर्त में करना चाहते थे। वह भी सुबह घाट पर पहुंचने के लिए कैंप से निकले, लेकिन जब हादसे का पता चला तो कैंप से बाहर नहीं निकले। बुधवार को दोपहर में हालात ठीक होने के बाद गंगा में डुबकी लगाई। संवाद
हर आंख में दिख रही थी दहशत : डॉ. आलोक
उझानी के मोहल्ला साहूकारा निवासी डॉ. आलोक कुमार गुप्ता और उनकी पत्नी शशि गुप्ता भी मंगलवार रात महाकुंभ क्षेत्र में थे। उनके साथ रिश्तेदार भी थे। बकौल डॉ. आलोक उन्होंने स्नान मंगलवार सुबह में कर लिया था, रात में उन्हें वाराणसी जाना था। रात करीब दो बजे जब वह अपने कैंप से निकले तो हादसे के बारे में जानकारी मिली। खासी अफरातफरी मची हुई थी। लोगों की आंखों में दहशत साफ देखी जा सकती थी। एक दिन पहले से ही महाकुंभ में श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने लगा था। डॉ. आलोक ने बताया कि गनीमत रही कि वह रात में स्नान करने कैंप से नहीं निकले। संवाद
डीएम-एसएसपी ने किया बस अड्डे व रेलवे स्टेशन का निरीक्षण
बदायूं। जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव व एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बुधवार को रोडवेज बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां मौजूद यात्रियों से बात की। साथ ही रोडवेज के अधिकारियों से कहा कि प्रयागराज कुंभ मेले में जाने वाले यात्रियों को असुविधा न हो। उन्होंने बसों की कमी के चलते यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए निर्देश दिए। रोडवेज बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर वहां की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद
रोडवेज स्टैंड पर निरीक्षण के दौरान निर्देश देते एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह साथ खड़ी डीएम निध- फोटो : संवाद
रोडवेज स्टैंड पर निरीक्षण के दौरान निर्देश देते एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह साथ खड़ी डीएम निध- फोटो : संवाद
रोडवेज स्टैंड पर निरीक्षण के दौरान निर्देश देते एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह साथ खड़ी डीएम निध- फोटो : संवाद
रोडवेज स्टैंड पर निरीक्षण के दौरान निर्देश देते एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह साथ खड़ी डीएम निध- फोटो : संवाद