बदायूं। जिला अस्पताल में डायलिसिस सेंटर का विस्तार शुरू हो गया है। डायलिसिस सेंटर को नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। अब तक यहां एक दिन में तीन से चार मरीजों की ही डायलिसिस हो पा रही थी, लेकिन अब यहां 24 बेड पड़ेंगे। इससे एक दिन में एक साथ 14 मरीजों की डायलिसिस हो सकेगी। नए भवन के हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद नए भवन में मशीनों को लगाया जा रहा है।
जिला अस्पताल में डायलिसिस सेंटर पुराने भवन में चल रहा था। यहां महज तीन ही बेड पड़े थे। इस कारण महज तीन ही मरीजों की डायलिसिस हो पाती थी। कई मरीजों को इंतजार करना पड़ता था। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट अस्पताल या फिर दूसरे जिलों में जाना पड़ता था। इसको ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल में भी डायलिसिस भवन बनाया गया है।
भवन एक साल पहले से बनकर तैयार है। इसको 14 बेड का किए जाने की अनुमति भी मिल चुकी थी। कुछ कारणों से भवन हैंडओवर नहीं हो पा रहा था। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा था, लेकिन अब नया भवन स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर हो गया है।
नए डायलिसिस भवन में 14 मशीनें लगाकर डायलिसिस सेंटर का विस्तार किया जा रहा है। तीन मशीनें लग चुकी हैं। शेष 11 मशीनें व बेड दो दिन में लग जाएंगे। स्टाफ भी तैनात कर दिया गया है। अब एक साथ यहां 14 मरीजों की डायलिसिस हो सकेगी।
जिला अस्पताल में पंजीकृत हैं 30 मरीज
जिले में किडनी संबंधी रोगियों की संख्या 30 है, जो दिल्ली, बरेली या नोएडा जाकर डायलिसिस कराते हैं। यहां जिला अस्पताल में छोटा सेंटर एक साल पहले शुरू हुआ तो कुछ सहूलियत मरीजों को मिलने लगीं। रोग के अनुसार सप्ताह में एक बार तो कई बार मरीजों को सप्ताह में दो बार तक डायलिसिस करानी पड़ती है। डायलिसिस कराने वाले शहर के एक व्यक्ति के परिजनों के अनुसार, निजी अस्पताल में एक बार की डायलिसिस पर करीब चार हजार रुपये का खर्च आता है। बाहर आने-जाने और रुकने का खर्च अलग होता है। अब मरीजों को जिला अस्पताल में निर्बाध सुविधा मिलेगी और मरीजों की संख्या में भी इजाफा होगा।
जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट के लिए नया भवन हैंडओवर हो गया है। नए भवन में बेड व मशीनें शिफ्ट की जा रहीं हैं। तीन मशीनें लग चुकी हैं। दो दिन में 14 बेड पूरे करके मशीनें लगा दी जाएंगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस