बदायूं। मंगलवार रात को आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तीनों सुरक्षा कर्मियों की दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई है। अब पुलिस फैक्टरी में अलाव वाली परात से लेकर अन्य चीजों की जांच करेगी। पता लगाया जाएगा कि आखिर तीनों का किस कारण दम घुटा। पुलिस ने फैक्टरी मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। अब पुलिस की जांच की दिशा बदल गई है। संवाद
देर रात शव घर पहुंचे तो तीनों गांवों में मचा चीत्कार, आज होगा अंतिम संस्कार
बदायूं। रात करीब आठ तक तीन गार्डों के शवों के पोस्टमॉर्टम हुए। इसके बाद शव उनके गांव भेजे गए। मुजरिया के गांव बसवनपुर में थाना पुलिस को पहले से ही तैनात कर दिया गया। ऐसे ही कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई में थाना पुलिस ने पहले ही डेरा जमा लिया था। वहीं मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव मुड़सेना में मूसाझाग इंस्पेक्टर समेत पुलिस बल मौजूद रहा। देर रात शव गांव पहुंचे तो परिवार में चीत्कार मच गया। शव रात में घर पहुंचे इसलिए शवों के अंतिम संस्कार नहीं हो सके। बुधवार को तीनों गार्डों का उनके अपने-अपने गांव मेंं अंतिम संस्कार किया जाएगा। तब तक थाना पुलिस गांव में तैनात रहेगी। पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए है। पुलिस प्रशासन को डर है कि कहीं कोई खुराफाती राजनीति रंग न चढ़ा दे। इसको लेकर पुलिस प्रशासन संदिग्धों पर नजर बनाए हुए है। संवाद
फैक्टरी पर हंगामा देख तीन थानों की पुलिस बुलाई गई
इस मामले के बाद देखते ही देखते तीन गांवों से हजारों की तादाद में भीड़ फैक्टरी परिसर में पहुंच गई थी। सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन भी रोते-बिलखते पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। लोगों के हंगामे काे देखते हुए मुजरिया, सहसवान व उझानी पुलिस को मौके पर बुला लिया गया। लोगों की भीड़ के सामने पुलिस कम पड़ गई। परिजनों को मौके पर सीओ डॉ. देवेंद्र कुमार ने परिजनों को समझाया। इसके बाद किसी तरह वे लोग शांत हुए।
पहले भी फैक्टरी में हुई हैं कई घटनाएं
मृतकों के परिजनों ने बताया कि एक साल पहले इसी फैक्टरी में आग लगी थी, जिसमें एक मजदूर की जलकर मौत हो गई थी। इसके अलावा यहां अन्य कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं।
एक डॉक्टर पर आपत्ति के बाद बाद बदला गया पैनल
तीनों गार्डों के शवों के पोस्टमॉर्टम कराने के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया। इसमें शामिल एक डॉक्टर को देखते ही परिवार के लोगों ने आपत्ति जता दी। उनका कहना था कि यह डॉक्टर फैक्टरी मालिकों का करीबी है। मामला सामने पर एसएसपी के आदेश पर तत्काल डॉक्टर को बदलवा दिया गया। परिजनों की सहमति के बाद ही पैनल तैयार कर पोस्टमॉर्टम शुरू कराया जा सका।
फैक्टरी को सील किए जाने का गेट पर लगा नोटिस। संवाद
फैक्टरी को सील किए जाने का गेट पर लगा नोटिस। संवाद
फैक्टरी को सील किए जाने का गेट पर लगा नोटिस। संवाद
फैक्टरी को सील किए जाने का गेट पर लगा नोटिस। संवाद