फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: फैक्टरी बैंक के कब्जे में तो कैसे हो रहा था कारोबार

विज्ञापन
फैक्टरी में रखे नये ड्रम।स्रोत: वीडियो ग्रैव
विज्ञापन
उझानी। बैंक ऑफ बड़ौदा का बकाया करोड़ों रुपया चुकता नहीं करने पर बंधक भारत मिंट केमिकल लिमिटेड फैक्टरी में मेंथा ऑयल का कारोबार चल रहा था। फैक्टरी के केबिन में सुपरवाइजर समेत तीन सुरक्षा गार्डों के शव मिलने के बाद अफसरों समेत भीड़ की नजर पड़ी तो परिसर में नए और पुराने सैकड़ों ड्रम रखे दिखे। दर्जनों ड्रम के तो अभी तक रैपर भी नहीं छूटे हैं, तो कुछेक ड्रमों पर मेंथा ऑयल खरीद की तारीख और विक्रेता के नाम लिखे नजर आए। डीएम ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
विज्ञापन

जानकार बताते हैं कि बैंक ने अगर कोई संपत्ति या फिर भूखंड नीलामी कराने के लिए अधिग्रहित कर लिया है तो उस परिसर में कारोबार नहीं हो सकता। अधिग्रहण के दौरान परिसर में जो भी चीज मौजूद है, उसे भी बाहर नहीं निकाला जा सकता। इसके बाद भी परिसर में दिखे नए और पुराने ड्रम इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि फैक्टरी में अब भी कारोबार जारी था। दो-तीन ड्रमों पर तो सोमवार को मेंथा ऑयल खरीदे जाने की तारीख भी लिखी हुई है।


फैक्टरी मालिकों के हैं सत्ताधारियों से संबंध
फैक्टरी मालिक मनोज गोयल और उनके भाई नीतीश गोयल के सत्ता पक्ष के प्रभावशाली लोगों से अच्छे संबंध हैं। प्रशासनिक अमले में उनकी अच्छी पैठ होने की चर्चा होती रहती है। कहा जा रहा है कि सबकुछ सत्ताधारियों से करीबी की वजह से चल रहा था। इसलिए बैंक समेत जिम्मेदार विभागों के अफसर फैक्टरी की ओर से मुंह मोड़ चुके थे।
विज्ञापन




डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई, कारोबार होने की करेगी जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम अवनीश राय ने जांच टीम का गठन किया है। डीएम ने बताया कि बंद फैक्टरी के भीतर कारोबार हो रहा था या नहीं, यह तो जांच का विषय है। सच्चाई का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। कमेटी में एडीएम (एफआर) और एसडीएम सदर व सीओ उझानी को शामिल किया गया है। डीएम ने बताया जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फैक्टरी में रखे नये ड्रम।स्रोत: वीडियो ग्रैव

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें