जिला पंचायत की बैठक में मौजूद अध्यक्ष, सदस्य व अधिकारी। स्रोत प्रशासन
बदायूं। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई। इसमें सर्व सम्मति से विकास कार्य कराने पर सदस्याें ने हामी भर दी। वहीं कुछ सदस्यों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और जमकर हंगामा भी किया। सदस्यों ने कहा कि अधिकारी बैठक में केवल बातों को सुनने के लिए आते है। वह, सदस्यों की ओर से बताए गए कामों पर विचार नहीं करते है। ऐसे में सदस्यों को क्षेत्र में काफी परेशानी होती है।
बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा सिंह की अध्यक्षता सभागार में बैठक हुई। इसमें जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह ने कार्य योजनाओं को पढ़कर सुनाया। इसमें सदस्यों ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप गड्ढ़ा मुक्त व विशेष पैच मरम्मत कार्य को वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में शामिल करने की स्वीकृति दी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसायियों पर लगने वाले लाइसेंस शुल्क के संशोधन व रिवाइजेशन को अनुमति दी। वहीं सदस्य महेंद्र सिंह ने अवैध अस्पतालों का संचालन, टीकाकरण की स्थिति, मिड-डे मील का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शहर के नवादा पर कई अस्पताल मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी है। वहीं, सदस्य रजनी सिंह ने कहा सदन में अधिकारी केवल हम लोगों की बातों को सुनने के लिए आते है, लेकिन यहां पर उठाए गए मुद्दाें पर ध्यान नहीं देते हैं। जबकि हम लोगों को जनता के बीच में जाकर देना होग। बैठक में सीडीओ केशव कुमार, एडीएम प्रशासन अरुण कुमार आदि थे।
दो मिनट का रखा गया मौनधारण
- बैठक की समाप्ति पर अध्यक्ष वर्षा सिंह समेत सभी सदस्यों और अधिकारियों ने दिवंगत सदस्य हिमांशु यादव की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया गया। साथ ही उनकी आत्म की शांति के लिए प्रार्थना की।