दिशा की बैठक में मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि। स्रोत प्रशासन
बदायूं। विकास भवन स्थित सभाकक्ष में दो साल बाद जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें जल जीवन मिशन के कार्यों में गंभीर खामियों को उजागर किया। वहीं महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, वृद्धा पेंशन योजना समेत तमाम योजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने और उनकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। फिलहाल बैठक बेनतीजा रही।
केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा की अध्यक्षता में दिशा की बैठक हुई। सह अध्यक्ष सांसद आदित्य यादव ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत कई स्थानों पर सड़कें तोड़कर अधूरी छोड़ दी गई हैं। जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। सांसद ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्य मानक के अनुसार नहीं किए जा रहे हैं और इसमें भ्रष्टाचार की आशंका है। उन्होंने कहा कि एक जगह पर उन्होंने विभाग के एक्सईएन के साथ में जांच की, तो पता चला कि वहां पर भ्रष्टाचार किया गया था। उन्होंने उच्च अधिकारियों से इसके निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। सांसद ने जिले में चल रही प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, वृद्धा पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), नमामि गंगे एवं जैविक खेती परियोजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मिड डे मील योजना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने और उनकी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। विधायक सहसवान बृजेश यादव ने कहा कि इस्लामनगर में संचालित सीएचसी को क्यों बंद किया गया है। बैठक में यह भी कहा गया कि कार्यों में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएं, ताकि जनता को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।
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बैठक के बीच में उठ गए सपा सांसद और भाजपा विधायक
-आंवला सांसद नीरज मौर्य बैठक खत्म होने से पहले ही उठकर चले गए। वहीं बिल्सी विधायक हरीश शाक्य भी बैठक को बीच में छोड़कर चले गए है। विधायक ने बताया कि उन्हें एक जरूरी काम था। जिसकी वजह से उनको बैठक को बीच में छोड़ना पड़ा।
मीडिया कर्मियों को अंदर जाने से रोका
दिशा की बैठक के दौरान विकास भवन में कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को सभाकक्ष में जाने से रोक दिया गया। बताया गया कि एक जनप्रतिनिधि ने कहा है कि इस सभागार में कोई भी मीडिया कर्मी मौजूद न रहे।