महिला अस्पताल में खराब पड़ी लिफ्ट। संवाद
बदायूं। जिला महिला अस्पताल में लिफ्ट करीब 20 दिन से खराब है। गर्भवती महिलाओं को तीन मंजिल तक सीढि़यों से जाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज में भी लिफ्ट नहीं चलतीं। इससे गर्भवती महिलाओं और मरीजों के साथ तीमारदारों की भी सांस फूल रही है। प्रसव के बाद प्रसूताओं को तीसरी मंजिल से नीचे आने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल में करीब 11 साल पहले गर्भवती महिलाओं को सुविधा देने के लिए लिफ्ट लगवाई गई थी। यह लिफ्ट कई बार ठीक करा दी गई, लेकिन चल नहीं पा रही है। करीब आठ महीने पहले बंद लिफ्ट की खबर अमर उजाला में प्रकाशित हुई अफसर सक्रिय हुए और उसे ठीक करवाएं। अब फिर से लिफ्ट बंद हो गई है।
अस्पताल का निर्माण 2014 में 18 करोड़ रुपये से करवाया गया था। अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर (ओटी) व 12 बेड वाला एक आईसीयू, लेबर रूम है। ओटी, आईसीयू और पूरा अस्पताल वातानुकूलित है। अस्पताल में चढ़ने उतरने के लिए लगी लिफ्ट खराब है। डिलीवरी के बाद प्रसूताओं को व्हील चेयर के माध्यम से दूसरे मंजिल तक पहुंचाया जा रहा है। कई बार व्हील चेयर उपलब्ध न होने पर प्रसूताएं रैंप के सहारे ही चढ़तीं व उतरतीं हैं। प्रसूताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फैक्ट फाइल
-रोजाना करीब 35 से 40 प्रसव
सामान्य प्रसव -रोजाना करीब 5 से 7
सिजेरियन प्रसव 10 से 15
- बेड की क्षमता 100
अस्पताल की लिफ्ट बहुत पुरानी हो गई है। इसको कई बार ठीक कराया गया लेकिन चल नहीं पा रही है। लिफ्ट टीक कराने को लगातार पत्राचार भी कर रहे हैं। नए सिरे से लिफ्ट लगाई जानी है। लगी हुई लिफ्ट में कभी भी हादसा भी हो सकता है। लिफ्ट लगने के बाद प्रसूताओं व तीमारदारों की दिक्कत खत्म हो जाएगी। - डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस महिला अस्पताल