ज्योतिषविद पं. राजेश कुमार शर्मा
बदायूं। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण सात सितंबर को है। ज्योतिषविद पं. राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि जब चंद्रमा कुंभ राशि में होगा। तब इस वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण पड़ेगा। जो भारत में भी नजर आएगा। ऐसे में सूतक काल भी मान्य होगा। यह भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि को लगेगा। इसके साथ ही पितृ पक्ष भी आरंभ हो जाएंगे। विशेष है कि यह शनि की राशि कुंभ में लगेगा। इसके साथ ही चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद और शतभिषा नक्षत्र में विराजमान होंगे। ऐसे में इसका असर देश-दुनिया में देखने को मिलने वाला है। तीन राशियां ऐसी है जिनके जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलने वाले हैं। यह भाग्यशाली राशियां हैं मिथुन, धनु, और मकर हैं।
चंद्र ग्रहण तिथि एवं समय
सात सितंबर को भारतीय समय रात्रि 9:57 से 1:26 बजे तक चंद्र ग्रहण रहेगा। इसके साथ ही रात्रि 11:09 पर इसका स्पर्शकाल शुरू होगा। रात्रि 11:42 बजे चंद्र ग्रहण का मध्यकाल होगा और रात्रि 12:23 बजे से मोक्ष काल शुरू होगा। इस प्रकार यह तीन घंटे 29 मिनट रहने वाला है।
कब होगा सूतक काल
पंचांग के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल चंद्र ग्रहण के नौ घंटे पहले से शुरू हो जाता है, इस हिसाब से चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:57 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा।
सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए
धर्म शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण के सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दिन पूजा-अर्चना और किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान नहीं करने चाहिए। कहा जाता है कि इस दिन गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें इस दौरान घर से बाहर जाने से बचना चाहिए। इस दिन गर्भवती महिलाओं को किसी भी तरह के धारदार औजारों का प्रयोग करने से बचना चाहिए।
किस-किस जगह दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
सितंबर महीने में लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, फिजी और अंटार्कटिका के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देगा।