आरोपी अजय प्रताप सिंह और उसके परिवार की मार्केट
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बदायूं के सैंजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह के नए-नए कारनामे हर दिन उजागर हो रहे हैं। पता चला है कि जिस जमीन पर इनकी दुकानें बनी हैं वह तहसील प्रशासन की जांच में बंजर में दर्ज मिली है। इसके अलावा कई अन्य मुद्दाें पर भी जांच जारी है।
अजय के ताऊ राकेश सिंह का क्षेत्र में काफी दबदबा रहा है। इसी का नतीजा रहा है कि वह सैजनी गांव के आसपास सरकारी जमीनों पर कब्जे से लेकर तमाम प्रकार के अनैतिक काम धड़ल्ले से करते रहे। राजनीतिक पकड़ के चलते इन पर पुलिस व प्रशासन ने भी कभी हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटाई।
जब प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या अजय प्रताप सिंह ने कर दी तो पुलिस-प्रशासन की नजरें इन पर टेढ़ी हो गईं। अब तक हुई कार्रवाई में जहां अजय की छह, वहीं उसके ताऊ राकेश की 5 दुकानें तोड़ी जा चुकी हैं। इसके साथ ही राकेश सिंह की 27 दुकानें सील की जा चुकी हैं।
क्षेत्रीय लेखपाल हेम सिंह ने जब इस मामले की जांच की तो पता लगा है कि यह दुकानें ग्राम समाज की बंजर भूमि पर बनी हैं। यह भी सामने आया है कि जहां पर बंजर भूमि है वहां पर राकेश सिंह के नाम भी कुछ भूमि दर्ज है। इसी का फायदा उठाते हुए उसने बंजर भूमि पर कब्जा जमा मार्केट का निर्माण करवा लिया।
हालांकि अब इन दुकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। तहसील प्रशासन ने आरोपी राकेश के खिलाफ 45 लाख 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बताया जा रहा है कि राकेश सिंह की सैजनी गांव में कुल 56 दुकानें बनी है। इनमें पांच तोड़ी जा चुकी हैं, जबकि 27 अवैध निर्माण के रूप में सील हो चुकी हैं। अन्य दुकानों की जांच जारी है।