बदायूं। शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल गौरी शंकर मंदिर से डीएम आवास होते हुए कचहरी तक जाने वाली 3.5 किमी लंबी सड़क के चौड़ीकरण का काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शुरू करा दिया है। मार्ग के चौड़ीकरण से जाम और संकरी सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत मिल जाएगी।
शहर के इस मार्ग पर चौड़ीकरण में करीब 3.63 करोड़ रुपये की लागत आएगी। योजना के तहत सड़क को मानकों के अनुसार चौड़ा किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके। इसके साथ ही सड़क किनारे सौंदर्यीकरण, नालियों का निर्माण और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित पटरी भी विकसित की जाएगी।
यह मार्ग शहर के कई अहम स्थलों को जोड़ता है। इसमें धार्मिक स्थल, पुलिस-प्रशासनिक आवास व कार्यालय, न्यायालय भी शामिल है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। मौजूदा स्थिति में सड़क संकरी होने से यहां दिनभर जाम की स्थिति रहती है, इससे आम लोगों के साथ-साथ कर्मचारियों, वकीलों और छात्रों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चौड़ीकरण के कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। निर्माण के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि लोगों को कम से कम दिक्कत हो। सोनू, मोहन सिंह, विकास शर्मा का कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण शहर के ट्रैफिक सिस्टम को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
सात से 10 मीटर चौड़ा किया जाएगा मार्ग
शहर में अभी यह रोड सात मीटर ही चौड़ा है, जिसे बढ़ाकर 10 मीटर किया जा रहा है। ऐसे में सड़क के दाेनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर रोड को चौड़ा किया जाएगा। अभी सड़क को एक ओर से डेढ़ मीटर चौड़ा किया जा रहा है। सिर्फ डीएम आवास के पास एक तरफ ही रोड को चौड़ा किया जाएगा।
सड़क के चौड़ीकरण का काम शुरू करवा दिया गया है। अप्रैल के आखिर तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे लोगों को काफी हद तक जाम से निजात मिलने की उम्मीद है। -वंदना सोनकर, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग
युद्ध के असर से कोलतार महंगा, निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी होने का खतरा
- जिले में 500 करोड़ से 350 सड़कों का निर्माण पूरा कराना ठेकेदारों के सामने बना चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से कोलतार (बिटुमेन) की कीमत नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है। बढ़ती कीमतों के चलते बिटुमेन महंगा हो गया है, जिससे जिले में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। वित्त वर्ष की समाप्ति के दबाव के बीच बिटुमेन के दामों में तेजी ने ठेकेदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
लोक निर्माण विभाग इस समय जिले में करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से 350 सड़कों का निर्माण कार्य करा रहा है। निर्माण एजेंसियों का कहना है कि लागत बढ़ने के बावजूद उन्हें पुराने दरों पर ही काम करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ठेकेदारों के अनुसार, पिछले कुछ ही समय में कोलतार की कीमतों में करीब 40 हजार रुपये प्रति टन तक का बड़ा उछाल देखा गया है। युद्ध से पहले फरवरी में जो कोलतार जीएसटी समेत 42,800 रुपये प्रति टन के भाव पर उपलब्ध था, उसके दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं। मथुरा और पानीपत रिफाइनरी से होने वाली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन कार्यों के लिए पहले से अनुबंध हो चुके हैं, उन्हें हर हाल में पूरा करना होगा। हालांकि नए टेंडरों पर इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि बढ़ी हुई लागत के कारण ठेकेदार रुचि कम दिखा सकते हैं। ऐसे में वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले टेंडर जारी कर कार्य पूरा कराने में कोलतार बाधा बनता नजर आ रहा है।
मौजूदा परियोजनाओं को रोका नहीं जाएगा। ठेकेदारों से पहले से एंग्रीमेंट है। उन्हें ये कार्य पूरे करने होंगे। हालांकि कोलतार की कमी से भविष्य में आने वाले प्रोजेक्ट्स और टेंडर प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। -नरेश कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग