रोजदार बाजारों में जरूरत का सामान खरीदते हुए। संवाद
बदायूं। चांद की तस्दीक होते ही लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और इबादत की तैयारियों में जुट गए। रमजान का पहला रोजा बृहस्पतिवार को रखा जाएगा।
शहर की शम्सी जामा मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में आठ बजे इशा की नमाज के बाद विशेष तरावीह की नमाज अदा की गई। इसमें बड़ी संख्या में नमाजियों ने हिस्सा लिया। जिला-ए-काजी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी ने चांद के दीदार का एलान करते हुए रोजा, नमाज और जकात की अहमियत पर रोशनी डाली।
शहर के छह सड़का, घंटा घर, चूना मंडी, सोथा और मौलवी टोला सहित बाजारों में भी रौनक बढ़ गई। रोजेदारों के लिए खजूर, बंद, रमजान की विशेष डबल रोटी, पापड़, कचरी, फल, सेहरी और इफ्तार से जुड़े सामान की खरीदारी तेज हो गई है। नगर पालिका अध्यक्ष फात्मा रज़ा ने सभी मस्जिदों के आसपस विशेष सफाई अभियान चलवाया और उसका खुद निरीक्षण किया।
इबादत से दूसरे समुदाय को न हो कोई परेशानी : शाने आलम खान
सैदपुर। ईदगाह के पूर्व पेशे इमाम मौलाना शाने आलम ख़ान ने कहा है कि रमजान महीने की अगर फ़जीलत का वर्णन किया जाए तो मुसलमान पूरी जिंदगी रोजा रखने की तमन्ना करेंगे। अल्लाह ताला की बारगाह में अपने गुनाहों की माफी मांगते रहना चाहिए। अकीदत के साथ इबादत करें। दूसरे समुदाय के लोगों को किसी तरह की परेशानी आपकी इबादत से न हो। इस ख्याल रखें। संवाद