बदायूं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस वाले एक बार फिर मोर्चरी में शव रखकर भूल गए। शनिवार सुबह दुर्गंध फैलने से स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। आनन फानन में परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया। फिर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव गुरई बदरपुर निवासी राजीव कुमार सिंह (40) पुत्र कृपाल सिंह मानसिक रोग से पीड़ित थे। उनका बरेली के एक अस्पताल से इलाज चल रहा था। परिजनों ने बताया कि 25 दिन पूर्व राजीव घर से गए, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
वजीरगंज पुलिस ने राजीव को गंभीर हालत में 10 जून को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी। राजीव का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। 24 जून को राजीव की इलाज के दौरान मौत हो गई। इमरजेंसी के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। जिला अस्पताल ने सदर कोतवाली पुलिस को मेमो नहीं भेजा।
इस वजह से शव मोर्चरी में ही रखा रहा। शनिवार सुबह शव से दुर्गंध आने लगी। इस पर आनन फानन में जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने सदर कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर बुलाया। परिजनों ने देखा तो शव में कीड़े पड़ चुके थे। परिजनों ने जिला अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। राजीव के भाई संजीव राठौर ने बताया कि अगर पुलिस चाहती तो उनके भाई के शव में कीड़े नहीं पड़ते।
एक महीने पहले की थी ऐसी लापरवाही
जून में भी जिला अस्पताल की मोर्चरी में शव रखकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस कर्मी भूल गए थे। तब मीरा सराय के रहने वाले हनीफ का शव मोर्चरी में पांच दिन तक पड़ा रहा। उस मामले में अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है।
- जिला अस्पताल से शनिवार को मेमो मिला है। उसके बाद उसका पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों सौंप दिया है। पिछले दिनों शव सड़ने की जांच सीओ सिटी कर रहे हैं। - विजेंद्र द्विवेदी, एसपी सिटी
- राजीव का कई दिन से अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसके दोनों पैरों में सेप्टिक था। 27 जून को इसकी मौत हुई है। शनिवार को मेमो भेजकर पोस्टमार्टम करवाया गया है।
- डा. कप्तान सिंह, सीएमएस