बदायूं। श्री गणेश सेवा मंडल की ओर से गणेश महोत्सव की भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। भगवान गणपति भोलाधाम पंडाल में विराजमान किए गए। इसी प्रकार जिलेभर में धूमधाम से बैंडबाजों के साथ गणपति शोभा यात्राएं निकालीं गईं और पंडालों में मूर्ति स्थापना के साथ विघ्नहर्ता की पूजा अर्चना की गई।
ब्राह्मण धर्मशाला में पंडित हरीशंकर मिश्र ने वैदिक मंत्रों से भगवान गणपति की प्रतिमा का पूजन किया गया। शोभायात्रा का प्रारंभ काली अखाड़े, ढोल-नगाड़े, बैंड आदि के साथ हुआ। 108 पीत वस्त्र धारी महिलाएं अपने हाथों में गणेशजी की मूर्तियां लेकर निकलीं। कथा व्यास संध्या भारद्वाज भी एक रथ पर विराजित रहीं। अध्यक्ष वीरेंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि शोभा यात्रा में शहर के विभिन्न स्थानों से आईं 40 से अधिक गणेश प्रतिमाएं शामिल रहीं। शोभायात्रा ब्राह्मण धर्मशाला से प्रारंभ होकर गोपी चौक, नेहरू चौक, खेराती चौक, हलवाई चौक से मढ़ई चौक, पथिक चौक होते हुए भोलाधाम पर पहुंची। एकलव्य सेवा समिति के सदस्य द्वादश गणपति का रथ अपने हाथों से खींच कर चल रहे थे। सड़क पर सफाई एवं जल छिड़काव भी कर रहे थे। यात्रा प्रमुख नितेश वार्ष्णेय, रामेश्वर दयाल, चन्द्र प्रकाश गुप्ता, पंकज शर्मा, अजय मथुरिया, मुनीश अग्रवाल, केशव नाथ वैश्य, गिरीश शुक्ला, रोहित गुप्ता, आशु गुप्ता, दीपमाला गोयल, इन्दु सक्सेना, सीमा राठौर कृष्णा कश्यप आदि विशेष रूप से रहे । देर शाम कथा प्रारंभ करते हुए कथा व्यास राध्या भारद्वाज जी ने गणेश महिमा का बखान किया उन्होंने बताया कि भगवान गणेश आदि गणेश है उनका पूजन सर्वप्रथम किया जाता है श्री गणेश जी के पूजन से किसी भी कार्य के पूर्ण होने में किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं आता है वह निर्विघ्न रूप से संपन्न होता है आज की कथा में कमेटी के सभी सदस्य का विशेष सहयोग रहा।
लोकमान्य ने रखी थी गणेशोत्सव की नींव:पुनीत
शहर के दुर्गा मंदिर में प्रबंध समिति ने गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया।अध्यक्ष विनय कुमार कश्यप व सचिव पुनीत कुमार कश्यप ने मंदिर में स्थापित गणेशजी की प्रतिमा का पूजा अर्चना की। आचार्य त्रिलोक कृष्ण मुरारी ने कहा कि पौराणिक कथाओं में भगवान शिव ने गणेश के पुनर्जन्म के बाद उन्हें किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में पूजे जाने का आशीर्वाद दिया था।
पुनीत कुमार कश्यप ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में गणेशोत्सव का जो सार्वजनिक पौधरोपण किया था वह आज विराट वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उनका मकसद सभी जातियो धर्मो को साझा मंच देने का था। इस मौके पर मंदिर के पुजारी वैभव पाराशर, योगेंद्र सागर, प्रदीप कश्यप, तेजपाल कश्यप, जितेंद्र राना, अरविंद दिवाकर, अमन कश्यप आदि उपस्थित रहे।
शोभा यात्रा में निकाले गए गणपति महाराज
दहगवां। नगर पंचायत दहगवां के श्रीराम मंदिर व सुनार गली से गणेश चतुर्थी पर शोभा यात्राएं निकाली गईं। जो एक ही पथ से निकालीं। प्रतिमा की स्थापना के साथ ही हवन पूजन किया।
राम मंदिर व सुनार गली से प्रारम्भ होकर दोनों शोभा यात्राएं मेन मार्केट होती हुई सिद्ध मनोकामेश्वर मंदिर पर रुकीं, वापस उसी रास्ते से होते हुए स्थापना स्थल पर पहुंचीं।
इस मौके पर पूर्व प्रधान मयंक गुप्ता, युवा नेता नमित गुप्ता, अंकित गुप्ता, लोकमन वर्मा, सुरेंद्र कुमार वर्मा, ब्रजेश गुप्ता, प्रदीप वर्मा, हरीश गुप्ता, सुमन शर्मा, प्रिंस गुप्ता, कपिल गुप्ता, ललित गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार वर्मा, प्रदीप, पीयूष गुप्ता, सत्यम गुप्ता, कार्तिक गुप्ता , लवी वर्मा आदि मौजूद रहे।
स्थापना से पूर्व निकाली विघ्नहर्ता की शोभायात्रा
उसावां। कस्बे के मुख्य बाजार स्थित बाबा लक्कड़ दास खाटू श्याम मंदिर पर विघ्नहर्ता भगवान गणेशजी की मूर्ति के विराजमान होने से पहले कस्बे में शोभायात्रा निकाली गई। इससे पहले मंदिर के सेवादार रामगोपाल गुप्ता ने भगवान गणेशजी की मूर्ति को तिलक लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पंडित रामआसरे मिश्रा ने विधिवत पूजन कराया। वार्ड सभासद पवन गुप्ता के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गई। कस्बे के ही वार्ड पांच के शिव मंदिर पर भी भगवान गणेशजी की मूर्ति का पूजन कर शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। जिसका नेतृत्व पूर्व चेयरमैन धीरेन्द्र पाल गुप्ता उर्फ धीरूभाई ने किया। शोभायात्रा कस्बे के सभी प्रमुख गलियों से होती हुई होली चौक, मुख्य बाजार, नगर पंचायत गेट, चौराहा, हनुमान गढ़ी मंदिर, दुर्गा माता मंदिर होती हुई पुनः मंदिर प्रांगण में सम्पन्न हुई। विधिविधान के साथ विघ्नहर्ता मंदिर में विराजमान किए गए।
भोलेधाम पर विराजे गणपति महाराज
ककराला। शिव मंदिर भोले धाम पर नगर भ्रमण के पश्चात भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना की गई। विशाल पंडाल में भगवान गजाननजी विराजे गए। मुख्य आचार्य सुमित अग्रवाल और चंद्रपाल गोस्वामी ने यज्ञ कराया। भगवान गणेश समेत तमाम देवताओं को आहुतियां दी गईं। सात दिनों तक यहां लगातार पूजन अर्चन किया जाएगा। इस अवसर पर अमित अग्रवाल, अनमोल शर्मा, केशव शर्मा, विक्रम गोस्वामी, मनोज शर्मा, आनंद शर्मा, शुभम शर्मा, संतोष राठौड़, मुकेश राठौर व डॉ. मुन्नालाल आदि मौजूद रहे।
प्रमुख मार्गों से निकली गणेशजी की शोभा यात्रा
दबतोरी। क्षेत्र के शिव मंदिर परसिया से श्री गणेश शोभा यात्रा निकाली गई। जिसमें काली अखाड़े एवं डीजे शामिल थे। बड़ी संख्या में ग्राम वासियों ने इसमें हिस्सा लिया। शोभा यात्रा गांव के विभिन्न मार्गो से होकर गुजरी। प्रसाद वितरण किया गया। जगह-जगह पुष्प वर्षा भी की गई। शांति व सुरक्षा व्यवस्था को पुलिस बल भी मौजूद रहा। शोभायात्रा में आयोजक केशव पाठक, मुकेश शर्मा, प्रेम नारायण पाठक, शिशुपाल सिंह, सुनील सिंह, संजीव मिश्रा, अनिल मिश्रा, कपिल मीणा आदि मौजूद रहे।
गणेश शोभायात्रा की झांकियों ने मनमोहा
बगरैन। भगवान गणेशजी की शोभायात्रा में प्रमुख रूप से राजा का घोड़ा, नासिक ढोल, मृदंग, भगवान महाकाल की सवारी, काली की सवारी आदि झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
शोभायात्रा की धूम से पूरा क्षेत्र भक्ति में सराबोर हो गया। गांव के मार्गों को जगह-जगह तोरण द्वारों से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने छतों से पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। दोपहर दो बजे प्रारंभ हुई शोभायात्रा ने देर रात्रि तक गांव के प्रमुख मार्गों से होकर भ्रमण किया। शोभायात्रा में शामिल झांकियां आकर्षक साज-सज्जा से जगमगा रही थीं। आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ रही।
विश्व हिंदू महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रिंस देव भारद्वाज के आवास पर शोभा यात्रा पहुंची।जहां रात में भजन संध्या का आयोजन हुआ। तीन सितंबर को कछला गंगा घाट पर विसर्जन होगा। इस मैके पर बिट्टू, ललित, विनोद, राहुल, मंजीत, लल्लाबाबू, रजनेश कश्यप, सुनील सुमन, रत्नेश, राहुल शर्मा, वीरेंद्र, डीके रस्तोगी, विक्रांत प्रभात आदि मौजूद रहे। चौकी इंचार्ज प्रवीन कुमार सिंह और एसआई रजत फोर्स के साथ मौजूद रहे।
गणेश शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारी व भक्त। संवाद
गणेश शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारी व भक्त। संवाद