दातागंज। विवाहिता की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस पर मायके पक्ष वालों ने जमकर हंगामा किया। मंगलवार की देर रात मायके पक्ष के लोग शव लेकर घर चले गए। बुधवार को शव को लेकर परिवार के लोग घर के बाहर कार्रवाई की मांग करते हुए बैठ गए। सूचना मिलते ही सीओ दातागंज व एसडीएम मौके पर पहुंच गए। तहरीर के आधार पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या करने को मजबूर करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। कठोर कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया है।
अलापुर थाना क्षेत्र के गांव पतसा निवासी दीपक चौहान की पत्नी रिंकी (24) की सोमवार रात को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मायके पक्ष के लोगों ने उस समय हंगामा कर दिया था, जब पोस्टमॉर्टम के समय वीडियोग्राफी के बिना ही करा दिया गया। उसके पेट से भ्रूण निकालकर फेंक दिया गया। हंगामे की सूचना पर पुलिस के अधिकारियों ने संज्ञान लिया जिसके बाद दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। मंगलवार देर शाम को शव मायके पक्ष के लोग घर ले गए। उन्होंने अंतिम संस्कार नहीं और शव लेकर घर के सामने बैठ गए। बेटी को न्याय न मिलने तक अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। बुधवार को सीओ दातागंज केके तिवारी व थाना पुलिस के साथ एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह गांव पहुंचे और कठोर से कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। पोस्टमॉर्टम करने वाले लोगों की जांच कराने का आश्वासन दिया। तब कहीं परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार किया है।
इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने पति दीपक, सास राजवती, देवर गौरव व ननद रेनू के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
तीन साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
पति समेत अन्य परिजन घटना के बाद से ही भाग गए थे। ऐसे में तीन साल के बेटे ने रिंकी के शव को मुखाग्नि दी।
कोट,
तहरीर के आधार पर पति समेत चार लोगों के खिलाफ अलापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पति को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। - केके तिवारी, सीओ दातागंज