बदायूं। सर्दी शुरू हो जाने के बावजूद अब भी धनराशि अभिभावकों के खाते में नहीं आई है। माना जा रहा है कि इस बार भी जिले के लगभग 60 हजार बच्चे ठंड में ठिठुरेंगे।
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली यूनीफार्म, स्वेटर, बैग, जूता-मोजा की खरीद में खेल न हो इसके लिए सरकार ने अभिभावकों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से पैसा भेजने की व्यवस्था बनाई है। जिले में 2155 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शासन की ओर से 1200 रुपये धनराशि दी जाती है। इसके लिए अभिभावकों के खाते आधार कार्ड से जोड़े जा चुके हैं।
फीडिंग को लेकर शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की गई थी। कहा गया था कि शत प्रतिशत धनराशि पहुंचने के साथ ही उसके उपयोग के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जाए। अधिकारियाें के अनुसार, जिले में 3,10,884 छात्र-छात्राओं को शासन की योजना का लाभ दिया जाना है। इनमें से 2,50,416 के खातों में डीबीटी के माध्यम से यह धनराशि पहुंच चुकी है। तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक 60468 छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिनके खातों में यह धनराशि अब तक नहीं पहुंची है।
ठंड की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में छात्र-छात्राएं मजबूरी में अब भी बिना स्वेटर स्कूल जाने को विवश हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इसके पीछे मूल कारण अभिभावकों के आधार कार्ड का न मिलना है। कई जगह पर आधार नंबर गलत जा रहे हैं या फिर आधार में नाम गलत है। इस कारण आधार खातों से लिंक नहीं हो पा रहे हैं।
अभिभावकों के स्तर से आधार कार्ड शिक्षकों को मुहैया कराए जाने हैं। काफी छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड अब भी शिक्षकों को नहीं मिले हैं। वहीं काफी आधार कार्ड खातों से लिंक नहीं हैं। -वीरेंद्र कुमार सिंह, बीएसए