बदायूं। जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में सात छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के चार दिन बाद भी छात्रावास के पंखे ठीक नहीं हुए, जबकि प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह ने छात्राओं की हालात बिगड़ने का कारण गर्मी ही बताया था। मंगलवार को छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंचीं सीडीओ गामिनी सिंगला को यह भी पता चला कि शिक्षिकाएं छात्रावास में नहीं रह रही हैं।
चार दिन में दो बार जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा विद्यालय में जांच करने पहुंचीं, लेकिन गर्मी से निजात दिलाने के लिए लगे खराब पंखे उन्हें नजर नहीं आए। सोमवार को एसडीएम विनोद कुमार सिंह, डिप्टी सीएमओ राजवीर सिंह के साथ जिला समाज कल्याण अधिकारी भी पहुंची थीं।
संयुक्त जांच टीम को भी खराब पंखे नजर नहीं आए, जबकि सीडीओ गामिनी सिंगला के निरीक्षण में पंखे और लाइटें खराब मिलीं। सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को खराब लाइट एवं पंखों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। विद्यालय में कुछ अध्यापिकाओं की ओर से रोस्टर के अनुरूप रात्रि निवास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए गए कि रोस्टर के अनुरूप अनिवार्य रूप से अध्यापिकाओं का रात्रि निवास सुनिश्चित कराएं। निरीक्षण में जिला समाज कल्याण अधिकारी और प्रधानाचार्य राजेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
सहायक रसोइया अनुपस्थित मिलने पर वेतन रोकने के निर्देश
बदायूं। सीडीओ ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, समरेर का भी निरीक्षण किया। रसोई, छात्रावास, कक्षाओं और रजिस्टरों की जांच की। सहायक रसोइया राजकुमारी ड्यूटी पर अनुपस्थित मिलीं, इस पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि सहायक रसोइया राजकुमारी वेतन रोक दें। वार्डन को छात्राओं को समय से गुणवत्तापूर्ण भोजन, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकारी योजनाओं का लाभ छात्राओं को बिना किसी लापरवाही के मिलना चाहिए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ज्योत्सना व प्रभारी वार्डन सीमा मिश्रा उपस्थित मिलीं। संवाद