बदायूं। जिला अस्पताल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर लगातार मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है। 50 से अधिक मरीज पंजीकृत होने के बाद दस मरीजों ने नशा से तौबा की है। नशा छुड़ाने के लिए अब लोगों को बाहर जिलों में जाने की जरूरत नहीं है।
नशे से मुक्ति दिलाने के लिए अब तक अन्य जिलों में मरीजों को भर्ती कराना पड़ता था। आठ फरवरी को जिला अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र का उद्घाटन नशा मुक्त भारत अभियान के तहत केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया था। कुछ दिन तक मरीज ही नहीं पहुंचे, लेकिन अब यहां के स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। उपचारित 50 मरीजों में से 10 मरीजों ने नशे से तौबा कर ली है। नशा छूटने के बाद मरीजों ने सीएमएस के पास आकर बताया कि अब उन्होंने नई जिंदगी की शुरूआत की है।
जिला अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र पर आने वाले मरीजों में से 90 फीसदी मरीजों को लाभ हुआ है। बताए गए नियमों का पालन व नियमित दवा लेने पर शतप्रतिशत मरीजों को लाभ मिलेगा। टीम पूरी मेहनत से मरीजों का इलाज कर रही है। 10 मरीजों ने पूरी तरह से नशा छोड़ दिया है। कोशिश है कि जो भी मरीज अस्पताल में दवा लें वह नशा से दूर हो जाएं। -डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल