उसहैत। युवक की हत्या के मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने विवेचक को उलझा दिया है। अब पुलिस हत्या और आत्महत्या में उलझकर रह गई है। हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को पुलिस ने रविवार को ही हिरासत में ले लिया था, लेकिन दूसरे दिन भी पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर सकी।
थाना क्षेत्र के गांव कुंवरगांव के रहने वाले अमित (25) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बाबा सतीश चंद्र ने पप्पू, जाफर और ताराचंद को नामजद करते हुए हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कराया। तीनों ही नामजद पुलिस की हिरासत में हैं। रविवार को ही मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। देर शाम रिपोर्ट थाने पहुंची तो थाना पुलिस हत्या और आत्महत्या में उलझ कर रह गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने बोन इंजरी लिखा, इसी के नीचे लिखा नो बोन इंजरी। ऐसे में विवेचक यह तय नहीं कर पा रहा है कि मुकदमा किस धारा में चलाया जाए। इसको लेकर सोमवार दोपहर डॉक्टर और विवेचक के बीच चर्चा होती रही, इसके बाद विवेचक ने वरिष्ठ डाॅक्टरों से भी सलाह ली। अब वहां से कोई रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
यह था मामला
उसहैत थाना क्षेत्र के गांव कुंवरगांव के रहने वाले अमित (25) को शनिवार को गांव के ही पप्पू, जाफर और ताराचंद घर से ले गए। तीनों ने दोपहर 12 बजे से ही नलकूप पर शराब पीना शुरू कर दी। अमित शाम को घर आया और खाना बांधकर फिर से ट्यूबवेल पर चला गया। रात करीब 9:30 परिवार के लोग खेत पर पहुंचे तो अमित के सिर में गोली लगी हुई थी और वह चारपाई पर मृत पड़ा था। उसके पास में एक 315 बोर का तमंचा रखा हुआ था। पुलिस ने आरोपियों को रात में ही हिरासत में ले लिया और शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पप्पू, ताराचंद और जाफर के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की।
पुलिस ने खेत से बरामद किया तमंचा
सोमवार को थाना पुलिस ने घटनास्थल के पास ही खेत से तमंचा बरामद कर लिया। परिवार में अमित की मौत के बाद से कोहराम मचा हुआ है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस का गोपनीय अभिलेख है। उसमें डॉक्टर ने क्या लिखा है क्या नहीं लिखा है यह हम नहीं बता सकते। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जो दोषी होगा वह जेल जाएगा। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
- विक्रम सिंह, थानाध्यक्ष, उसहैत