अफसर मौके पर पहुंचे
उसे देखकर गांव के तमाम लोग इकट्ठा हो गए। सूचना पर ग्राम प्रधान होराम भी आ गए। उन्होंने युवक को मोबाइल टावर से उतारने की कोशिश की। युवक ने कहा कि पहले रास्ता कब्जा मुक्त कराएं तब वह मोबाइल टावर से नीचे उतरेगा। प्रधान ने तुरंत सूचना थाना पुलिस और डीएम को दी। डीएम के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी श्वेतांक पांडेय, तहसीलदार सदर करनवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद थाना पुलिस भी आ गई।
जिला विकास अधिकारी ने युवक की परेशानी सुनी तो वह खुद हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव को भी वहां बुला लिया। एक जेसीबी भी मंगाई गई। जिसके बाद रास्ते को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू हुई। करीब पांच घंटों में रास्ता कब्जामुक्त करा दिया गया। इसके बाद युवक टावर से नीचे उतरा। पुलिस ने टावर से उतरने के बाद रामजीत यादव को हिरासत में ले लिया। इसके अलावा कब्जा करने वाले शिशुपाल को भी हिरासत में लिया। दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया।
लेखपाल के करीबी हैं आरोपी
आईजीआरएस पर शिकायत के बाद जवाब में फर्जी रिपोर्ट लगाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिन्होंने रास्ते पर कब्जा किया था। वह लेखपाल के काफी नजदीकी हैं। गांव में जब भी लेखपाल आता तो कब्जा करने वाले उसका बैग लेकर साथ में घूमते। ऐसे में लेखपाल हमेशा कब्जा करने वालों के साथ रहा। यह बात सामने आने के बाद तहसीलदार ने लेखपाल की खूब फटकार लगाई।
जिला विकास अधिकारी श्वेतांक पांडेय ने बताया कि रास्ते पर कब्जे के विरोध में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। गांव पहुंचकर तुरंत जेसीबी मशीन मंगाई। फिर रास्ते को कब्जा मुक्त कराया। युवक मोबाइल टावर से नीचे उतर आया है।