रोडवेज बस स्टैंड पर जर्जर भवन। संवाद
बदायूं। रोडवेज बस स्टैंड पर बना भवन जर्जर हालत में है। इसका जीर्णोद्धार नहीं हो पा रहा है, न ही बस अड्डे को शहर से बाहर बनाया जा रहा है। जर्जर भवन में बैठकर कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। वहीं, अनदेखी के चलते स्टैंड परिसर में भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।
रोडवेज बस अड्डा 65 साल पुराने भवन में संचालित है। जो एकदम जर्जर हो चुका है। 30 से 40 कर्मचारी जर्जर भवन में बैठकर काम करते हैं। इसी के साथ रोजाना 300 से अधिक चालक-परिचालक इस भवन में आते-जाते हैं। हर समय किसी हादसे का डर बना रहता है।
इसको देखते हुए विभाग ने भवन निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा, लेकिन एक साल बाद भी मंजूरी नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि शासन स्तर पर इसकी ठीक से पहल नहीं हो पा रही है।
रोडवेज परिसर का भी बुरा हाल
रोडवेज परिसर का भी बुरा हाल है। जलभराव है तो पेयजल व्यवस्था भी चौपट है, सफाई व्यवस्था ठप होने से गंदगी के अंबार लगे रहते हैं। यहां यात्रियों के बैठने के लिए भी समुचित व्यवस्था नहीं है। यात्री जमीन पर बैठकर बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं।
रोडवेज बस अड्डे के निर्माण के लिए एक साल पहले प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। बजट का इंतजार है। शासन को दो बार पत्र भेजकर अवगत करा दिया गया है। बरसात के दौरान जो समस्याएं आती हैं उनसे भी अवगत कराया गया है। जल्द ही मंजूरी मिलेगी। उसके बाद निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।
-दीपक चौधरी, आरएम बरेली
रोडवेज बस स्टैंड पर जर्जर भवन। संवाद