बदायूं। नए शिक्षा सत्र को लेकर जिले में परिषदीय विद्यालयों के लिए पाठ्यपुस्तकें पहुंचने का काम शुरू हो गया है। 16 विषयों की 20 लाख से अधिक किताबें यहां पहुंचेंगी, जिन्हें 20 फरवरी तक सभी स्कूलों में पहुंचा दिया जाएगा। इस बार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए शिक्षकों को बीआरसी (ब्लॉक संसाधन केंद्र) से किताबें लेने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि पुस्तकें सीधे स्कूलों तक भेजी जाएंगी।
जिले के 15 ब्लॉकों में स्थित लगभग 2200 परिषदीय विद्यालयों के लिए करीब 20 लाख किताबों का वितरण किया जाना है। अब तक शिक्षकों को किताबें प्राप्त करने के लिए बीआरसी के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। इसे देखते हुए विभाग ने इस बार किताबों को बीआरसी से स्कूलों तक पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि वितरण समयबद्ध और व्यवस्थित ढंग से हो सके। पहले शिक्षकों को 50 से 60 किलोमीटर दूर स्थित बीआरसी से किताबें लानी पड़ती थीं, जिससे समय और पठन-पाठन दोनों प्रभावित होते थे। नई व्यवस्था से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
समय पर होगा सत्यापन, बनेगी विशेष कमेटी
किताबों के सत्यापन के लिए कमेटी के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पहले कई बार कमेटी के गठन में देरी होने से महीनों तक किताबें सत्यापित नहीं हो पाती थीं, जिससे वे छात्रों तक नहीं पहुंच पाती थीं। इस बार विभाग पहले ही कदम उठा रहा है।
कक्षा एक से चार तक के विद्यार्थियों को मिलेंगी एनसीईआरटी की किताबें
बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में सुविधाएं बेहतर होने से लगातार नामांकन बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार कक्षा एक से चार तक के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पहले यह व्यवस्था केवल कक्षा एक से तीन तक ही थी। विभाग के अनुसार, अब तक हिंदी, अंग्रेजी, गणित, पर्यावरण अध्ययन, संस्कृत, विज्ञान, भूगोल, इतिहास, कृषि विज्ञान, गृह कौशल, स्काउट्स एंड गाइड्स सहित कुल 16 विषयों की पुस्तकें पहुंचेंगी।