कादरचौक (बदायूं)। ग्राम पंचायत लखुपूरा के मजरा बखतपुर गांव में आरोपी वीर सिंह और उसकी बहन संतोषी के बीच मकान को लेकर कई बार विवाद हो चुका था। इसी मकान के लिए आरोपी ने बहन और भांजे के साथ खूनी खेल खेला। बता दें कि इस मकान को संतोषी ने करीब 15 साल पहले पिता बृजलाल के जीवित रहते हुए 1.80 लाख रुपये में खरीदा था, उस समय बैनामा नहीं कराया था। आरोपी वीर सिंह इसी मकान को खाली कराने के लिए संतोषी से रोज-रोज झगड़ा किया करता है।
ग्रामीणों ने बताया कि वीर सिंह और संतोषी के बीच बुधवार की शाम करीब छह बजे मकान को लेकर झड़प हुई थी। उसके बाद देर रात करीब 10:30 बजे वीर सिंह ने भांजे आकाश के साथ शराब पी। शराब पीने के दौरान मकान की बात छिड़ने पर झगड़ा फिर से शुरू हो गया था। विवाद बढ़ने पर वीर सिंह मकान के घेर में छिपाकर रखा तमंचा निकाल लाया और सटाकर भांजे आकाश के सीने में दिल के पास गोली मार दी।
लहूलुहान होकर आकाश सड़क पर गिरकर तड़पने लगा। इसके बाद आरोपी वीर सिंह हाथ में तमंचा लेकर भागने लगा। छोटे विकास के शोर मचाने पर संतोषी बाहर आई और भाग रहे आरोपी वीर सिंह को घटनास्थल से सौ मीटर की दूरी पर प्रधान संगीता के घर के सामने पकड़ लिया और जमीन पर गिरा दिया।
पकड़े जाने के डर से आरोपी वीर सिंह ने सटाकर बहन संतोषी को भी गोली मार दी। इसके बाद मौके से भाग गया। वीर सिंह की बहन और भांजे को गोली मारने की सूचना से गांव में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। संतोषी को गोली लगने से उसके दूसरे पति से जन्मे विकास और खुशबू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मकान खाली कराना चाह रहा था आरोपी
आरोपी वीर सिंह और संतोषी के मकान के पास रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी अपनी बहन से कई दिन से मकान खाली करने का दबाव बना रहा था। कहता था कि यह मकान खाली करा दो। बहन संतोषी कहती थी कि 15 साल पहले हमने एक लाख अस्सी हजार रुपये जो दिए थे, वह वापस कर दो। रुपये नहीं मिलने तक मकान खाली नहीं किया जाएगा। पिता बृजलाल ने ही अपनी जगह में पुत्री संतोषी को बसाया था। तब संतोषी ने रुपये दिए थे, लेकिन बैनामा नहीं कराया था।
संतोषी ने की थीं दो शादियां, दोनों से हैं छह बच्चे
संतोषी ने दो शादियां की थीं। पहली शादी मलखान निवासी वाजनगर थाना सहावर कासगंज के साथ हुई थी। मलखान की मौत के बाद संतोषी अपने बेटे और तीन बेटियों को लेकर मायके में ही बस गई थी। इसके बाद संतोषी ने दूसरी शादी भवानीपुर, कछला के पास रहने वाले व्यक्ति से की, लेकिन वह उसे छोड़कर मायके में रहने आ गई थी। संतोषी के पहले पति मलखान से पुत्र आकाश (25) और तीन पुत्रियां (भावना, रूबी व पूजा) हैं। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। वहीं दूसरे पति से पुत्र विकास और पुत्री खुशबू हैं। ये बच्चे भी संतोषी के साथ रहते हैं। आकाश सगी तीन बहनों में इकलौता था। वहीं, आरोपी वीर सिंह भी चार बहनों में इकलौता भाई है।
आपराधिक प्रवृत्ति का है आरोपी वीर सिंह
भांजे की हत्या कर बहन को गोली मारकर घायल करने वाला आरोपी वीर सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ कादरचौक थाने में ही नहीं, जिले के कई थानों में विभिन्न अपराधों में केस दर्ज हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मोहल्ले के लोग उसके स्वभाव से डरते हैं। कई बार वह जेल जा चुका है। आरोप है कि आए दिन पत्नी से भी मारपीट किया करता था। करीब 15 दिन पहले आरोपी की पत्नी मायके चली गई थी। आरोपी के सालों ने भी गांव आकर उसे सुधरने की चेतावनी दी थी। आरोपी के घर पर ताला लगा है। उसकी बूढ़ी मां भी घर छोड़कर कहीं चली गई है। आरोपी के दो मकान हैं। एक मकान गांव में पक्का बना है, जबकि दूसरा मकान संतोषी के मकान के पीछे है।
अक्सर झगड़ते, फिर एक हो जाते थे
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों परिवारों में अक्सर झगड़ा होता रहता था, लेकिन फिर दो-तीन दिन में ही बोलचाल होने लगती थी। आरोपी के घर में उसका कोई सगा नहीं है, वहीं संतोषी का भी मायके में भाई ही सहारा है।
गोली मारकर भांजे की हत्या करने वाले आरोपी मामा पर रिपोर्ट दर्ज
- आरोपी की तलाश में पुलिस की चार टीमें और एसओजी जुटी
- कादरचौक क्षेत्र के गांव बखतपुर में बुधवार देर हुई घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव बखतपुर में भांजे आकाश की गोली मारकर हत्या करने के बाद बहन को गोली मारकर घायल करने के आरोपी वीर सिंह के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। मृतक आकाश के बहनोई मनोज कुमार की ओर से आरोपी पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी की तलाश में पुलिस की चार टीमें और एसओजी जुटी है। इधर, घायल संतोषी की हालत स्थिर है। सैफई मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन किया गया है।
कादरचौक थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में मृतक आकाश के बहनोई मनोज कुमार निवासी गांव गोपालपुर थाना सहावर जनपद कासगंज ने बताया कि उसकी सास संतोषी और साले आकाश के साथ वीर सिंह गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर वह भागकर अपने घर गया, लौटकर आकर गाली-गलौज करते हुए बोला कि आज तुम्हारा काम तमाम कर देता हूं।
इसी बीच पास आकर आकाश को गोली मारकर भागने लगा। पास ही खड़ी आकाश की मां संतोषी ने पीछा करते हुए आरोपी वीर सिंह को गांव के प्रधान के घर के पास पकड़ लिया। पकड़ने पर उसने संतोषी को जमीन पर पटककर कर गोली मार दी। गोली लगने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजन घायलों को कादरचौक सीएचसी लेकर गए, जहां स्थिति गंभीर होने पर दोनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां आकाश को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, संतोषी की हालत नाजुक होने पर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
आरोपी की तलाश में चार थानों और एसओजी की टीमें सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिशें दे रही हैं। जल्द ही आरोपी वीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -अभिषेक कुमार सिंह, एसपी सिटी
20 मिनट तक घटनास्थल पर ही तड़पता रहा आकाश
बदायूं। आरोपी वीर सिंह ने बुधवार देर रात करीब 10:20 बजे के आसपास आकाश को गोली मारी थी। घटना होने पर एक-दो ग्रामीणों ने मोबाइल से वीडियो बना ली थी। उस वीडियो में आकाश काफी तड़पता दिख रहा है। वह कुछ कहना चाह रहा था, लेकिन उसका शरीर साथ नहीं दे रहा था। वीडियो में तीन बार मुंह खोलने फिर बेहोश होते दिख रहा है। उसके बगल में ही पेट पकड़कर संतोषी भी घायल अवस्था में बैठी नजर आ रही है।
ग्रामीणों ने संतोषी को चारपाई पर लिटाया। कुछ ग्रामीण एंबुलेंस को कॉल कर बुलाने की बात कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। गांव से सीएचसी की दूरी करीब 14 किमी है। एंबुलेंस करीब 11 बजे आकाश और संतोषी को लेकर सीएचसी पहुंची थी। घटनास्थल से पुलिस ने खून के नमूने और दो खाली कारतूस बरामद किए हैं। संवाद
ग्रामीण के सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना
आकाश को गोली मारने की घटना आरोपी वीर सिंह के मकान के पास ग्रामीण राम स्वरूप पुत्र बिहारी के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। एक सीसीटीवी कैमरा प्रधान संगीता के घर के बाहर भी लगा है। यहां पर आरोपी ने बहन संतोषी को गोली मारकर घायल किया था। पुलिस ने दोनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है।.......
जिस मामा की अंगुली पकड़कर चला आकाश, उसी की गोली ने ले ली जान
- मामा के तमंचे से चली गोली ने आकाश का सीना ही नहीं भेदा, रिश्ते पर भी लगा दिया कलंक
रतन सिंह गुर्जर
बदायूं। गांव बखतपुर में हुए गोलीकांड ने हर किसी को झकझोर दिया है। जिस मामा वीर सिंह की अंगुली पकड़कर आकाश ने जीवन जीना सीखा, उसी मामा की गोली ने पलभर में आकाश की जान ले ली। गोलीकांड से पूरा परिवार सदमे में है।
इस गोलीकांड ने आकाश की जान ही नहीं ली, बल्कि मामा-भांजे के खूबसूरत रिश्ते को भी कलंकित कर दिया। यह रिश्ता समाज में सबसे स्नेहपूर्ण और भरोसेमंद माना जाता है। यह रिश्ता अपनत्व, स्नेह और संरक्षण का प्रतीक भी माना जाता है। इस केस में तो आकाश अपनी मां के साथ मामा के घर 15 साल से रह रहा था। हर वक्त मामा के साथ रहने, उठने और बैठने से रिश्ता और भी प्रगाढ़ हो गया था, लेकिन एक गोली ने लोगों को भीतर तक विचलित कर दिया।
दोनों परिवारों में मातम है। एक ओर भांजा दुनिया में नहीं है तो दूसरी ओर मामा पकड़े जाने के डर से भागता फिर रहा है। वहीं, जिस भाई की कलाई पर बहन संतोषी हर साल राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती रही, उसी भाई ने उसके बेटे की जिंदगी छीन ली।
जिला अस्पताल की साइक्लोजिस्ट डॉ. सर्वेश कुमारी ने बताया कि बदलते सामाजिक परिवेश में पारिवारिक रिश्तों में संवाद की कमी और छोटी-छोटी बातों पर आक्रोश बढ़ रहा है, घटनाओं के पीछे यही बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। यदि समय रहते विवाद को परिवार के स्तर पर सुलझाने का प्रयास जाए तो शायद यह नौबत नहीं आ पाएगी। (संवाद)
गोलीकांड: गांव बखतपुर में बहन और भांजे को गोली मारने के आरोपी मामा वीर सिंह का घर। संवाद- फोटो : Archive
गोलीकांड: गांव बखतपुर में बहन और भांजे को गोली मारने के आरोपी मामा वीर सिंह का घर। संवाद- फोटो : Archive
गोलीकांड: गांव बखतपुर में बहन और भांजे को गोली मारने के आरोपी मामा वीर सिंह का घर। संवाद- फोटो : Archive
गोलीकांड: गांव बखतपुर में बहन और भांजे को गोली मारने के आरोपी मामा वीर सिंह का घर। संवाद- फोटो : Archive
गोलीकांड: गांव बखतपुर में बहन और भांजे को गोली मारने के आरोपी मामा वीर सिंह का घर। संवाद- फोटो : Archive