अपने माता- पिता के साथ खुशी। स्रोत: जागरुक ग्रामीण
उझानी। नौ साल की बच्ची के अचानक घर से बाहर निकल जाने के बाद उसके अपहरण का शोर मच गया। पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। खोजबीन शुरू हुई तो करीब दो घंटे बाद वह पड़ोसी के घर धार्मिक कार्यक्रम में प्रसाद लेते मिल गई।
मामला शुक्रवार सुबह का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव वरामयखेड़ा निवासी धर्मेंद्र की नौ वर्षीय बेटी खुशी सुबह करीब नौ बजे घर से बाहर निकली। एक घंटे तक वह नहीं लौटी तो परिवार के लोग उसे खोजने के लिए निकल पड़े। उसी दौरान किसी ग्रामीण ने धर्मेंद्र को बताया दिया कि खुशी को उन्होंने एक बुजुर्ग महिला के साथ सड़क किनारे जाते देखा है। इसके बाद गांव में उसके अपहरण का शोर मचा गया। अब्दुल्लागंज चौकी के पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुंच गए।
करीब दो घंटे तक पुलिस और परिजनों के साथ ग्रामीणों ने इलाके में खोजबीन की। लोगों ने वाहन रुकवा कर चेक किए, फिर भी पता नहीं चल पाया। पूर्वाह्न करीब 11 बजे पड़ोसी को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने खुशी के अपने घर में होने की जानकारी उसके परिजनों को दी। पिता धर्मेंद्र ने बताया कि पड़ोसी के घर धार्मिक कार्यक्रम था। महिलाओं के साथ वह भी पड़ोसी के घर पहुंच गई। खुशी के मिल जाने के बाद परिजनों समेत पुलिस कर्मियों ने भी राहत की सांस ली। इसे लेकर इलाके में करीब दो घंटे तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।