दिन निकलते ही प्रमुख चौराहों पर लग जाती हैं वाहनों की लाइन
घंटों परेशान होना पड़ता है लोगों को, स्कूली बच्चों की बिगड़ जाती है हालत
अब तो लगने लगा है जैसे जनता को शहर में लगने वाले जाम से मुक्ति शायद ही मिल पाए। जाम के झाम से निजात दिलाने को पुलिस-प्रशासन ने कई बार कार्ययोजना बनाई और उस पर कुछ दिनों तक अमल भी हुआ। लेकिन फिर भी हालात जस के तस है। लावेला चौक, इंदिरा चौक, पुलिस लाइंस, दातागंज तिराहा, कचहरी तिराहा आदि प्रमुख स्थानों पर हर रोज दिन भर में कई बार जाम लगता है। ये और बात है कि ट्रैफिक पुलिस वाले जाम खुलवाने में हार जाते हैं।
सोमवार सुबह करीब 10 बजे रोडवेज बस स्टैंड गेट के सामने वाहनों की कतार लगी थीं। जाम में एंबुलेंस तकफंसी थी। ट्रैफिक पुलिस का सिपाही एंबुलेंस को निकालने के लिए जूझ रहा था। किसी तरह वन वे ट्रैफिक करके एंबुलेंस को निकला जा सका। रोडवेज स्टैंड के पास रोजाना लगने वाले जाम की मुख्य वजह वाहनों का सड़क पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर देना है। बस स्टैंड के सामने निजी बसों की कतार लगी रहती है। जो पुलिस की शह पर सवारियां लेकर निकल जाती है।
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जाम की एक वजह ये भी
सुबह से शाम तक रोडवेज बस स्टैंड के सामने से निजी बसों का संचालन धड़ल्ले से होता है। यहीं पर पुलिस चौकी है। यहां तैनात हर सिपाही को बीट के हिसाब से तय धनराशि उन बसों से मिलती है। पुलिस की शह पर चल रहीं इन बसों से रोडवेज को भी प्रतिदिन भारी राजस्व की हानि होती है। यहां के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस वाले सख्ती से पेश आए तो जाम नहीं लगे। मगर दिन रात पुलिस के सिपाहियों की अवैध वसूली के कारण वह कुछ कह नहीं पाते हैं।
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जाम पर क्या बोले व्यापारी
0 लावेला चौक निवासी राम बहादुर ने कहा कि जब तक रोडवेज स्टैंड होकर जाने वालीं निजी बसों के संचालन पर रोक नहीं लगेगी तब तक जाम की समस्या इसी तरह बनी रहेगी।
0 व्यापारी कैलाश चंद्र ने कहा कि जाम से निजात दिलाने को अब तक जो भी कार्ययोजना बनी है वह पूरी तरह फेल रही है। यहीं वजह है कि शहर में जाम एक स्थायी समस्या बन गई है।
0 किराना व्यापारी मुनीश कहते हैं कि सुबह से लेकर देर शाम तक यहां पर कई बार जाम लगता है, इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ता है। कभी-कभी तो पुलिस वालों को भी जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
0 व्यापारी मनीष ने कहा कि जाम की मुख्य वजह वाहनों के सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़ा करना है। यदि सड़क पर वाहनों के खड़े पर कड़ी से प्रतिबंध लगे तो जाम से मुक्ति मिल सकती है।