शहर समेत जिले भर में संचालित हो बर्फखाने
गर्मी में गला तर करने के लिए सड़क किनारे बिकने वाली बर्फ खरीद रहे हैं तो सावधान हो जाइए। इससे बनी लस्सी, गन्ने का रस, मैंगो शेक, शर्बत आदि तमाम खाद्य पदार्थों के खाने से आप बीमारी की चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि बिना धुले सांचों से बनने वाली यह बर्फ खाद्य पदार्थों से मिलती है, तो इसमें बैक्टीरिया बनने लगते हैं, जिससे तमाम बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है।
जिले भर में तमाम बर्फ फैक्ट्रियां संचालित हैं, जहां पर बर्फ जमाने का काम किया जा रहा है। बर्फ जमाने वाले इन सांचों की न तो सही ढंग से सफाई की जाती है और न ही शुद्ध पानी का प्रयोग किया जाता है। इस वजह से बर्फ के किसी टुकड़े को साफ गिलास में रखने पर उसके तरल अवस्था में आने के बाद गंदगी के तत्व नजर आते हैं।
दूषित पानी और गंदगी में बनने वाली यह बर्फ खाद्य पदार्थों के साथ बीमार कर सकती है, क्योंकि बैक्टीरिया युक्त खाद्य और पेय पदार्थ खाने की वजह से पेट से संबंधित तमाम बीमारियां होने की आशंका हो जाती है। इससे पेट खराब होने के साथ फूड प्वाइजनिंग, उल्टी, दस्त आदि हो जाते हैं।
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गंदी बर्फ खाने से पेट खराब हो जाता है। गंदी बर्फ को लस्सी, गन्ने का रस, मैंगो शेक, शर्बत आदि में डालने से उसमें बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। इससे उल्टी, दस्त, फूड प्वाइजनिंग आदि गंभीर बीमारियां हो जाती है। इसलिए बर्फ सफाई युक्त बर्फ का ही सेवन करना बेहतर रहेगा।
-डॉ. हरपाल सिंह, एमबीबीएस, जिला अस्पताल