बदायूं। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर चली आ रही दिक्कत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। दो माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी चीनी मिलों ने भुगतान नहीं किया है, जबकि शासन के निर्देश थे कि गन्ना तौल होने के 14 दिनों के अंदर पूरा भुगतान कर दिया जाए। हालत ये है कि चीनी मिलों पर किसानों का सौ करोड़ से ज्यादा का बकाया आ रहा है।
योगी सरकार से गन्ना किसानों को काफी आस थी कि उनकी सरकार में गन्ना किसानों को बकाया पेमेंट के लिए चीनी मिलों और अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, लेकिन उनकी इस उम्मीद पर पानी फिर गया है। सरकार भी अधिकारियों को केवल आदेश देने तक ही सीमित रह गई, जमीनी स्तर पर किसी ने किसानों की हालत जानने का प्रयास नहीं किया है। विगत चार मई को प्रदेश मुख्यालय पर गन्नामंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी की अध्यक्षता में गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार ने प्रदेश की चीनी मिल के अधिकारियों के साथ बैठक की थी जिसमें किसानों का बकाया भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसका भी जिले की चीनी मिलों के अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ा। गन्ना किसान आज भी अपने भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
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चीनीं मिलों पर इतना है बकाया-
- द किसान सहकारी चीनी मिल शेखूपुर पर गन्ना किसानों का मौजूदा सत्र का कुल 47 करोड़ 55 लाख रुपये बकाया आ रहा था। इसमें 29 करोड़ 30 लाख रुपये का भुगतान अब तक किया गया, जबकि 18 करोड़ 25 लाख रुपये अब भी बाकी चल रहा है।
-बिसौली की यदु शुगर मिल पर एक अरब 29 करोड़ 68 लाख रुपये बकाया आ रहा था। इसमें चीनी मिल प्रशासन द्वारा 59 करोड़ 58 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है, जबकि अभी मिल पर किसानों का 70 करोड़ 10 लाख रुपये बकाया आ रहा है।
- न्योली शुगर मिल को 17 करोड़ 51 लाख रुपये का भुगतान किसानों को करना है। इसमें से अभी तक 15 करोड़ 70 लाख रुपये बकाया है।
- करीमगंज चीनी मिल ने कुल 23 करोड़ 83 लाख का गन्ना खरीदा था, पर अब तक केवल नौ करोड़ 91 लाख रुपये का भुगतान किया है।
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इसे भी जानिए
कुल इतना करना है भुगतान- दो अरब 36 लाख 70 लाख रुपये
मिलों ने इतना किया है भुगतान- एक अरब 22 करोड़ 73 लाख रुपये
किसानों का कुल बकाया- एक अरब 13 करोड़ 97 लाख रुपये
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चीनी मिल प्रशासन से वार्ता की गई है कि किसानों के बकाए का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो। उम्मीद है कि जल्द ही किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा।
- रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी