जिले में कछुआ गति से हो रहा मृदा नमूनों का परीक्षण
बिसौली को छोड़ अन्य प्राविधिक सहायकों को नोटिस
लक्ष्य मिला था 64,517 परीक्षण हो सका 2,469 का
खेतों की मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए केंद्र की मोदी सरकार की ओर से कराए जा रहे मृदा नमूनों की जांच नौकरशाही की लापरवाही के चलते तेजी नहीं पकड़ पा रही है। इससे जिले के खेतों की सेहत सुधरती नजर नहीं आ रही है। खेतों की मिट्टी में मुख्य तत्वों और सूक्ष्म तत्वों की कमी को दूर करने का सरकार का काम कछुआ गति से चलने की वजह से समयसीमा में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है, इससे फिलहाल खेतों की सेहत फिलहाल सुधरने की उम्मीद करना भी बेमानी ही होगा।
खरीफ और रबी फसलों की बुवाई होने तक जिले भर के विभिन्न किसानों के खेतों से मृदा के 64,517 नमूने लेने का लक्ष्य दिया गया था। इसमें खरीफ की फसल बोने तक 38,710 और बाकी 25,807 मृदा के नमूने रबी की फसल तक लेकर परीक्षण करने का तय किया गया था। इसी आधार पर सभी ब्लाकों को लक्ष्य दिए गए थे, जिससे कि समय से मृदा परीक्षण का काम पूरा हो सके और फिर उन खेतों में उर्वरकता बढ़ाकर बेहतर काम किया जा सके, लेकिन अब तक केवल 2469 किसानों के मृदा के नमूनों का परीक्षण किया जा सका है।
इसमें बिसौली को छोड़कर जिले भर के सभी ब्लाकों ने मृदा परीक्षण के नमूने लेकर उनकी जांच कराने में बहुत धीमी गति से काम करा रहे हैं। इससे मृदा नमूनों के परीक्षण का काम प्रभावित हो रहा है। इस मामले में धीमी गति से काम कर रहे और लापरवाही बरत रहे प्राविधिक सहायकों को कृषि उपनिदेशक कार्यालय से नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस में बताया गया कि यदि समय रहते उन्होंने लक्ष्य पूरे नहीं किए तो उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मृदा के नमूने लेकर उनका परीक्षण कराने के काम में लापरवाही बरत रहे प्राविधिक सहायकों को नोटिस भेजे गए हैं। यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ तो उन लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। शासन की प्राथमिकता वाले इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
-आरपी चौधरी, कृषि उप निदेशक