शुरू हो गया गंगा का जलस्तर और ऊंचाई नापने का काम
गंगा पूरे साल के सबसे कम जलस्तर पर, रोज रहेगी गंगा पर नजर
गंगा और रामगंगा दो प्रमुख नदियों को लेकर बाढ़ खंड जून से ही सतर्क हो जाता है। जिले के बाढ़ विभाग ने गंगा के जलस्तर के प्रतिदिन आंकड़े लेने के लिए काम शुरू कर दिया है। इसके लिए बाढ़ खंड में कंट्रोल रूम की भी स्थापना हो गई है। गंगा इस समय सबसे कम स्तर पर है। वहीं मीटरगेज पर उसकी ऊंचाई भी कम है।
यहां बता दें कि बाढ़ खंड ने एक जून से गंगा की स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है। बाढ़ खंड दफ्तर में बाढ़ की जानकारी लेने के लिए स्थापित कंट्रोल रूम में 05832-269692 फोने से सूचनाओं को आदान-प्रदान किया जा सकेगा। कंट्रोल रूम नरौरा डैम, बिजनौर डैम और हरिद्वार डैम से हर समय संपर्क में रहेगा। रामगंगा के लिए सूचनाओं का संकलन बरेली बाढ़ खंड के जिम्मे होगा। हालांकि कुछ महत्वपूर्ण सूचनाएं रामगंगा के जलस्तर के बारे में उस समय मंगाई जाएंगी, जब रामगंगा उफान पर होगी। कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी सियाराम को दी गई है।
बाढ़ का खतरा अक्तूबर तक कभी भी
बदायूं। यहां बता दें कि बाढ़ का कंट्रोल रूम हर साल जून में स्थापित कर दिया जाता है। जूलाई-अगस्त बाढ़ का विशेष समय माना जाता है। कभी बाढ़ के समय में परिवत्रन भी हो जाता है। एक बार तो अक्तूबर में दीपावली के समय ही बाढ़ आ गई थी तो बदायूं के बाढ़ खंड के होश उड़ गए थे। सभी अधिकारी और कर्मचारियों को बाढ़ चौकियों पर लगना पड़ गया था। सभी की छुट्टियां भी निरस्त हो गई थीं।
गंगा अब तक के सबसे निचले स्तर पर
बदायूं। बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम में काम करना शुरू कर दिया है। इस समय गंगा का जलस्तर सबसे कम स्तर पर है। बाढ़ विभाग की माने तो गंगा अबतक के सबसे कम जलस्तर पर है। मुख्यत: गंगा में इन दिनों तीन हजार क्यूसेक तक पानी रहता है।
बाढ़ खंड का कंट्रोल रूम नंबर- 05832-269692
गंगा की माप -160.60 मीटरगेज
गंगा का जलस्तर - 1590 क्यूसेक