बदायूं। अमेरिका-इस्राइल-ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर जिले पर भी पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत शादी समारोह वाले घरों में है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन व जिला पूर्ति कार्यालय ने ऐसे लोगों को राहत देने की योजना बनाई है। इसके तहत विभाग को दिए प्रार्थनापत्र के आधार पर कंपनी की ओर से सिलिंडर की आपूर्ति पर निर्णय लिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब आम जनजीवन पर भी दिखने लगा है। वर्तमान हालात में समय पर सिलिंडर उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है। जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए एक विशेष व्यवस्था लागू की है, ताकि शादी वाले घरों को राहत मिल सके। नई व्यवस्था के तहत जिन परिवारों के यहां शादियां हैं, उन्हें पूर्ति विभाग में जाकर शादी का कार्ड जमा करना होगा। इसके साथ ही एक प्रार्थनापत्र भी देना होगा, जिसमें आवश्यक सिलिंडरों की संख्या और कार्यक्रम की तिथि का उल्लेख करना होगा।
पूर्ति विभाग की ओर से प्राप्त प्रार्थनापत्रों के आधार पर संबंधित गैस कंपनियों से पत्राचार किया जाएगा। इसके बाद कंपनियां अपनी उपलब्धता और आवश्यकता के अनुसार सिलिंडरों की संख्या तय कर आपूर्ति तय करेंगी। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से पारदर्शिता बनी रहेगी और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता पर कॉमर्शियल गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
अतिरिक्त सिलिंडर प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं को लगभग 4500 रुपये सिक्योरिटी मनी भी जमा करनी होगी। हालांकि सिलिंडर की कीमत के अनुसार यह दाम बढ़ या घट भी सकते हैं। वहीं काम पूरा होने पर सभी सिलिंडर लौटाने होंगे। ऐसा न करने पर सिक्योरिटी मनी वापस नहीं होगी। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शादी समारोहों में किसी प्रकार की असुविधा न होने देना है।
कुछ लोगों ने आवेदन किया है। उनकी मांग को कंपनी के पास भेजा जा रहा है। वहां से कंपनी इसको लेकर निर्णय लेगी कि सिलिंडर दिया जा सकता है या नहीं, अगर दिया जा सकता है तो कितने कॉमर्शियल सिलिंडर दिए जा सकते हैं। -सतीश मिश्रा, डीएसओ
ग्रामीण क्षेत्रों में सिलिंडर के लिए लग रही लंबी लाइन
उसहैत। कस्बे में रसोई गैस की भारी किल्लत है। उपभोक्ता सिलिंडर के लिए गैस एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। गैस एजेंसी के मैनेजर ने बताया कि स्टॉक भरपूर मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन देहात क्षेत्र में 45 दिन की बाध्यता के चलते उपभोक्ताओं को दूसरा सिलिंडर दिया जाना है। वहीं कई ग्रामीण उपभोक्ताओं ने केवाईसी नहीं कराई है तो कई का ओटीपी नहीं आ रहा है। इस कारण उन्हें कुछ परेशानी हो रही है। संवाद
गैस एजेंसी पर लगी उपभोक्ताओं की लाइन। संवाद