जेएस कॉलेज में चल रहे पांच दिवसीय स्काउट-गाइड प्रशिक्षण के तीसरे दिन प्रशिक्षुओं ने एसटीए, झंडी संकेत, प्राथमिक उपचार, मरीज को ले जाने के तरीकों को सीखा।
शिविर संचालक जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि सच्चा शूरवीर वही है, जो अनीति से लड़े और नागरिक दायित्व का पालन करे। बच्चे शिक्षकों के नेतृत्व में सन्मार्ग खोजकर अपनी प्रतिभा और योग्यता को निखारें। सृजन का कार्य करना न भूलें । महाविद्यालय के बीएड विभागाध्यक्ष विशेष कुमार ने कहा कि युवा श्रेष्ठ कार्यों से अपने भाग्य को बदलें और लक्ष्य तक पहुंचें। सचिव नरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि श्रेष्ठता अर्जित करने के लिए युवा समय के मूल्य को पहचानें। प्रो. मयंक देव दीक्षित ने विचार रखे।
शिविर में प्रशिक्षुओं को झंडी और सीटी संकेत, बांया हाथ मिलाना, वर्दी आदि की ट्रेनिंग दी गई। शिविर प्रभारी कृष्ण गोपाल के नेतृत्व में प्रशिक्षुओं ने कैंप फायर के दौरान लोकगीत, देशभक्ति गीत, भजन, चुटकुले, हास्य व्यंग आदि प्रस्तुत किए। इस मौके पर शिक्षिका शालू सिंह, गिरिराज सिंह शाक्य, अनुपम शंखधार के अलावा प्रशिक्षु मेधा शर्मा, मिथिलेश यादव, रिंकी देवी, प्रेरणा, दीपिका शर्मा, दीक्षा, नाहिद फात्मा, नीतू देवी, प्रतिभा यादव, नीलम शाक्य, रानी, रजनी, अत्लेजर, सुहानी, सरस्वती, नीरज कुमारी, नेहा, सोनिका गुप्ता, देशराज, रामअवतार, विपिन सिंह, सचिन, रवेंद्र शाक्य, शमीम अहमद, शाहिल, हरिओम आदि मौजूद रहे।