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‘तीन सालों में धनकुबेरों पर हुआ है कड़ा प्रहार’

Thu, 15 Jun 2017 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। 
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bjp - फोटो : amar ujala
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सम्मेलन में सहकारिता मंत्री बोले-  मोदी सरकार ने दिया भ्रष्टाचार मुक्त शासन 
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केंद्र सरकार ने पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार मुक्त शासन देकर कालेधन को निकालने को धन कुबेरों पर कड़ा प्रहार किया है। यह कहना है प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी लाल वर्मा का। भाजपा की ओर से बृहस्पतिवार को बदायूं क्लब में आयोजित सबका साथ, सबका विकास कार्यकर्ता सम्मेलन को उन्होंने बतौर मुख्य अतिथि संबोधित किया। कार्यक्रम का प्रायोजक नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन रहा।
 तीन साल बेमिसाल के नारे के साथ सहकारिता मंत्री ने कहा कि तीन साल में भारत का स्वाभिमान विश्व स्तर पर विकसित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों के नेता के रूप में उभरे हैं। भारत की विदेशी नीति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। दो बार सर्जिकल स्ट्राइक करके पाकिस्तानी सेना की कमर तोड़ने का काम किया है। साथ ही सेना का मनोबल बढ़ाया है। आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने जन-धन योजना, फसल बीमा योजना, मुद्रा लोन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं को गिनाया। 
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सम्मेलन में पार्टी के जिला प्रभारी महाराज सिंह, जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, दातागंज विधायक राजीव सिंह बब्बू, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, पूर्व विधायक प्रेमस्वरूप पाठक,  नेकपाल सिंह, अशोक भारती, राणा प्रताप, अवनीश कुमार सिंह, राजेश्वर सिंह पटेल, दीपमाला गोयल, सुधीर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इस दौरान कई विभागों की ओर से कैंप भी लगाए गए।
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सिर्फ अपनी कही, कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी 
सम्मेलन में मंचासीन रहे प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा और आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप के अलावा पार्टी के नेताओं से कार्यकर्ता बहुत कुछ कहना चाहते थे। वे अपनी दिक्कतें लेकर सम्मेलन में पहुंचे थे लेकिन पार्टी के पदाधिकारियों ने सिर्फ अपनी बात कही, कार्यकर्ताओं की दिक्कतों को नजरअंदाज कर दिया गया। बाद में बूथ स्तरीय ये कार्यकर्ता अनमने मन से सम्मेलन से लौटे। उनमें नाराजगी देखी गई। बहुत सारे कार्यकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने चुनाव से पहले पार्टी के लिए मेहनत की। उम्मीद थी कि सरकार बनने के बाद उनकी बातों को कम से कम सुना जाएगा। बहुत सारे बूथ स्तरीय कार्यकर्ता अपने वार्ड की जनसमस्याओं के निस्तारण और कोटे पर हो रही मनमानी के समाधान की मांग लेकर सम्मेलन में पहुंचे थे। ऐसे कार्यकर्ताओं ने कई बार बड़े नेताओं से अपनी बात सुनने की गुजारिश की लेकिन जब बात नहीं बनी तो उन्होंने शोरगुल भी किया लेकिन उनको मंच से चुप बैठने को कह दिया गया।
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